जयपुर

हज यात्रियों की कलाई पर बांधे जाएंगे ये अनोखे ‘ई-बैंड ब्रेसलेट‘, इससे पता चलेगी हाजियों की लोकेशन

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Jul 31, 2018

जयपुर। हज के दौरान हाजियों की लोकेशन जानने के लिए सेंट्रल हज कमेटी की ओर से ई-बैंड ब्रेसलेट तैयार किया गया है, जिसे हाजियों को एयरपोर्ट पर फ्लाइट में बैठने से पहले हाजियों की कलाई पर बांधा जाएगा, जिससे हाजियों की पूरी लोकेशन की जानकारी मिलती रहेगी, जिससे किसी भी प्रकार की परेशानी के दौरान उसकी लोकेशन के जरिए उन तक पहुंचा जा सके।

ई-बैंड ब्रेसलेट में होगी ये सभी जानकारियां
बताया जाता है कि ई-बैंड ब्रेसलेट में हज यात्रियों का नाम-पता, कवर नंबर, पासपोर्ट, वीजा की जानकारियां रहेंगी। ई-बैंड ब्रेसलेट जीपीएस सिस्टम के साथ बारकोड भी होगा। बताया जाता है कि सभी स्टेट हज कमेटियों को इस बारे में जानकारी दी गई है।

हादसों को ध्यान में रखकर किए तैयार
ई-बैंड ब्रेसलेट मक्का में पूर्व में हुए हादसों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। पूर्व में दो साल पूर्व में हज के दौरान मक्का में एक हादसा हो गया था, जिसमें कई देशों के हज यात्री हादसे का शिकार हुए थे। उस दौरान उनकी पहचान में काफी परेशानी हुई थी।

मोबाइल एप भी बनाया
वहीं दूसरी ओर राज्य की हज कमेटी ने हाजियों के लिए एक मोबाइल एप्प तैयार किया है। एप पर हज यात्रा से जुडी सभी जानकारियां उपलब्ध होंगी। हज यात्री इसके जरिए किसी भी तरह की परेशानी भी दर्ज करा सकेंगे। जिसकी सूचना तुरंत हज कमेटी को मिलेगी और वह उसका समाधान करेगी। यह एप एन्ड्रॉयड और आईओएस दोनों सिस्टम पर काम करेगा।


हज यात्रा का पहला काफिला 1 अगस्त को
प्रदेश से हज यात्रा का पहला काफिला 1 अगस्त को जाएगा। हज यात्रा को देखते हुए पिछले डेढ़ माह से हज कमेटी की ओर से हज हाउस से लेकर सांगानेर एयरपोर्ट स्थित रिपोर्टिंग स्थल तक तैयारियां की जा रही है। हज यात्रा के मद्देनजर रामगढ़ मोड़ स्थित हज हाउस में दिन-रात तैयारियां चल रही है। हज हाउस में हाजियों और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।

Published on:
31 Jul 2018 02:39 pm
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