Forest Guard recruitment exam paper leak case : राजस्थान वनरक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में 4 महीने बाद आई 'कार्रवाई' की ये बड़ी अपडेट
जयपुर।
राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक प्रकरण पर सरकार की सख्ती लगातार जारी है। इसी क्रम में अब वनरक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण में कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में कार्यरत दीपक शर्मा नाम के तकनीकी सहायक को पुलिस जांच में दोषी पाया गया है, जिसके बाद उसके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे बर्खास्त कर दिया गया है।
अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एन.एस निर्वाण ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 12 नवंबर 2022 को वन रक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसके बाद इसकी जांच-पड़ताल के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई थी।
इधर, इस पेपर लीक प्रकरण में लिप्त एवं पुलिस अनुसंधान में दोषी पाए गए निगम कर्मचारी दीपक शर्मा को राजकीय सेवा से बर्खास्त किया गया है। बर्खास्त कर्मचारी सहायक अभियंता (पवस) कार्यालय, अजमेर विद्युत वितरण निगम रेलमगरा, राजसमंद में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत था।
फोटो खींच कर आंसर शीट की थी वायरल
वनरक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक की आशंका को लेकर एसओजी टीम व राजसमंद पुलिस ने बिजली विभाग में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत दीपक शर्मा को हिरासत में लिया था। उसपर पेपर का फोटो खींच कर आंसर शीट वायरल करने का शक था। शुरूआती जांच में पाया गया था कि दीपक ने ही वनरक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर की फोटो खींचकर आंसर शीट परीक्षार्थियों तक को सेंड किया था।
पुलिस दीपक शर्मा से पूछताछ में सामने आया है कि दीपक शर्मा करौली निवासी है और उसी ने सदिंग्ध परीक्षार्थी हेमराज मीणा को पेपर की आंसर शीट भेजी थी। हेमराज लालसोट का निवासी है। हेमराज का परीक्षा केंद्र दौसा के पीजी कॉलेज में आया था और वह द्वितीय पारी की परीक्षा दे चुका था। इसी सूचना पर दौसा जिला स्पेशल टीम ने परीक्षा देकर लौटते वक्त मोबाइल लोकेशन ट्रेस के आधार पर रेलवे स्टेशन के पास से हेमराज मीणा को दबोच लिया।