जयपुर

Jaipur News: गुल्लक तोड़ी, रुपए निकाले और घर से 750 किमी दूर पहुंच गए चार मासूम बच्चे, सुरक्षा तंत्र की खुली पोल

Jaipur Missing Children: मुहाना से लापता हुए चार बच्चे जयपुर से ट्रेन पकड़कर उत्तर प्रदेश पहुंच गए। बस परिचालक की सतर्कता से पुलिस ने सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
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Updated: 25 Jun 2026, 9:40 PM IST
Jaipur children missing
एआई तस्वीर

जयपुर। मुहाना से मंगलवार को लापता हुए चार मासूम बच्चों ने ऐसा सफर तय किया, जिसने पुलिस के साथ-साथ रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी। घर से चुपचाप निकलने के बाद बच्चों ने पहले गुल्लक फोड़ी, उसमें जमा 700-800 रुपए निकाले और ई-रिक्शा से मालपुरा गेट होते हुए जयपुर जंक्शन पहुंच गए। वहां से उन्होंने खुद टिकट खरीदी और ट्रेन में बैठकर सुल्तानपुर पहुंच गए। सुल्तानपुर से चारों बच्चे अयोध्या जाने वाली रोडवेज बस में सवार हो गए। बस परिचालक को चारों बच्चों के अकेले होने पर संदेह हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जयपुर और उत्तरप्रदेश पुलिस के समन्वय से बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस टीम पिता के साथ बच्चों को लेकर जयपुर के लिए रवाना हो गई है।

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आरपीएफ ने भी नहीं की कोई पूछताछ

सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार नाबालिग बच्चे जयपुर से करीब 750 किलोमीटर दूर तक का सफर तय करते रहे, लेकिन रेलवे स्टेशन, टिकट काउंटर, प्लेटफॉर्म और ट्रेन में किसी ने उनसे पूछताछ तक नहीं की। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी की नजर भी उन पर नहीं पड़ी। यह घटना बाल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

गुल्लक के पैसों से खरीदी टिकट

पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चों ने घर से निकलने से पहले गुल्लक तोड़कर करीब 700 से 800 रुपए निकाले। इन्हीं पैसों से उन्होंने जयपुर से सुल्तानपुर तक की ट्रेन की टिकट खरीदी। सफर के दौरान किसी भी स्तर पर बच्चों की उम्र या उनके अकेले होने को लेकर कोई जांच नहीं हुई।

परिचालक को हुआ शक, फिर पुलिस हुई सक्रिय

सुल्तानपुर पहुंचने के बाद चारों बच्चे अयोध्या जाने वाली बस में बैठ गए। बस परिचालक को बच्चों पर शक हुआ। पूछताछ में उनके जवाब संदिग्ध लगे तो उसने तत्काल पुलिस को सूचना दे दी। जयपुर पुलिस पहले से ही बच्चों की गुमशुदगी की सूचना उत्तरप्रदेश पुलिस और रिश्तेदारों को दे चुकी थी। सूचना का मिलान होते ही पुलिस सक्रिय हुई और बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया।

रिश्तेदारों को सुपुर्द किए

डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया कि अयोध्या और कुशीनगर में उनके रिश्तेदार रहते हैं। पहचान होने के बाद बच्चों को उनकी नानी के परिवार के सुपुर्द किया गया। जयपुर पुलिस की टीम बच्चों के पिता के साथ उन्हें वापस लेकर रवाना हो गई है। लापता बच्चों में 13 वर्षीय अंशिका साहनी, 9 वर्षीय आराध्या, 11 वर्षीय सलोनी और 8 वर्षीय सचिन शामिल हैं। अंशिका और आराध्या सगी बहनें हैं, जबकि सलोनी और सचिन सगे भाई-बहन हैं। चारों बच्चे आपस में चचेरे भाई-बहन हैं।

Updated on:
25 Jun 2026, 9:40 PM IST
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