जयपुर

अमरूद से अमीर बनेंगे किसान: सवाई माधोपुर में देश का पहला अमरूद महोत्सव 18 जनवरी से होगा शुरू , 15 हजार हेक्टेयर की खेती को मिलेगा बूस्ट

Sawai Madhopur Guava Festival: किसानों को मिलेगी नई उड़ान। 6 हजार करोड़ के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

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Jan 17, 2026

National Guava Festival: जयपुर. राजस्थान का सवाई माधोपुर जिला इतिहास रचने जा रहा है। 18 जनवरी से शुरू हो रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय अमरूद महोत्सव में कृषि, व्यापार, पर्यटन और संस्कृति को एक मंच पर जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी जाएगी। यह देश का पहला राष्ट्रीय अमरूद महोत्सव है, जो अमरूद आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का अनोखा प्रयास है। यह महोत्सव सिर्फ फल का उत्सव नहीं, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने, प्रोसेसिंग और निर्यात बढ़ाने का रोडमैप है। आयोजन का शुभारंभ 18 जनवरी को प्रातः 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा।

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15 हजार हेक्टेयर भूमि पर अमरूद की खेती

अमरूद महोत्सव

यह प्रयास सवाई माधोपुर को रणथंभौर के साथ-साथ अमरूद की राजधानी के रूप में स्थापित करेगा। सवाई माधोपुर अमरूद उत्पादन में देश के अग्रणी जिलों में शुमार है। यहां 20 हजार से अधिक किसान 15 हजार हेक्टेयर भूमि पर अमरूद की खेती करते हैं। सालाना उत्पादन करीब 4 लाख मीट्रिक टन है, जिससे 6 हजार करोड़ रुपए (लगभग 6 अरब रुपए) तक का कारोबार होता है। जिले का अमरूद देश के निर्यात में बड़ा हिस्सा ले जाता है, और इसकी गुणवत्ता के कारण यह उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी लोकप्रिय है।

महोत्सव में खास

  • 225 स्टॉल: जहां उन्नत अमरूद किस्में, जूस, पल्प, जैम, कैंडी जैसे प्रसंस्कृत उत्पाद, पौध नर्सरी, स्मार्ट फार्मिंग, जैविक खेती, हाईटेक बागवानी और पशुधन गतिविधियां प्रदर्शित होंगी।
  • लाइव डेमो: जिमें कृषि यंत्र, ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन।वैज्ञानिकों की मौजूदगी: ICAR, CIPHET लुधियाना, CISH लखनऊ, विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ किसानों से सीधा संवाद करेंगे।
  • फोकस: उत्पादन बढ़ाना और लागत घटाना, गुणवत्ता बढ़ाना और निर्यात बढ़ाना रहेगा।
  • किसान सम्मान: श्रेष्ठ अमरूद उत्पादकों को पुरस्कार।
  • बिजनेस नेटवर्किंग: किसानों को निर्यातक, प्रोसेसिंग यूनिट, एग्री-स्टार्टअप और एफपीओ से जोड़ा गया।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: नेचर वॉक, खेल, दंगल, राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या, शोभायात्रा और मेगा म्यूजिकल नाइट।
  • एग्री-बिजनेस हब: रोजाना 10 हजार किसान और आगंतुकों की भीड़ से जिला एग्री-बिजनेस हब के रूप में उभरेगा।

अमरूद महोत्सव कहां-कहां होते हैं ?

भारत में अमरूद महोत्सव मुख्य रूप से उत्पादक क्षेत्रों में आयोजित होते हैं, लेकिन ज्यादातर लोकल या राज्य स्तर के होते हैं जिनमें इलाहाबाद प्रमुख है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्र प्रदेश में छोटे-मोटे अमरूद मेला या फेस्टिवल होते हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर सवाई माधोपुर का यह महोत्सव पहला है। विश्व स्तर पर भी अमरूद फेस्टिवल कम ही होते हैं, जैसे कुछ जगहों पर लोकल जैम-जूस बनाने के इवेंट।

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Updated on:
17 Jan 2026 02:35 pm
Published on:
17 Jan 2026 02:25 pm
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