
जयपुर। अपने पहले दौर में पूरे प्रदेश को जमकर भिगौने वाला मानसून अपने दूसरे दौर की बारिश में हालांकि अभी तक ज्यादा नहीं बरस पाया है लेकिन अगर देश की बात करे तो देशभर में मानसून अपने चरम पर है। कई राज्यों में तो मानसून ने जमकर तबाही भी मचाई है। मौसम विभाग के अनुसार 48 घंटे में कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है। देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अगले 6 दिन हिमाचल प्रदेश पर भारी पड़ सकते है। यहां मौसम विभाग ने अगले 6 दिन में मानसून के ज्यादा सक्रिय रहने का हाई अलर्ट जारी किया है।
बड़ी सादड़ी में चार इंच बारिश
राजस्थान में गुरुवार को कई स्थानों पर बारिश हुई। चित्तौडगढ़़ के बड़ी सादड़ी में 24 घंटे में 109 मिलीमीटर और वागन बांध पर 48 मिमी बारिश हुई। इसी तरह कोटा, बारां, झालावाड़, पोकरण और जैसलमेर में भी मध्यम से तेज बारिश हुई।
पहाड़ों पर मानसूनी आफत
पहाड़ों पर मानसून आफत बनता जा रहा है। कुल्लू में बादल फटने से जमकर तबाही मची है। बंजार के तीर्थन घाटी में गुरुवार देर रात बादल फटने से नागनी पंचायत के साईरोपा और गहिधार और दाड़ी गांव में जमकर नुकसान हुआ जिसमें दो मकान और एक गौशाला नष्ट हो गई।
बीकानेर से होकर गुजर रही मानसून की टर्फ लाइन
मानसून टर्फ लाइन अजमेर बीकानेर होकर गुजर रही है लेकिन फिर भी मानसून सक्रिय होने के बावजूद झमाझम बारिश होने की उम्मीद प्रदेश के दक्षिण पूर्वी हिस्सों में बन रहे चक्रवाती तंत्र पर है। बीते चौबीस घंटे में पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई लेकिन पश्चिमी राजस्थान शुष्क मौसम की मार झेल रहा है। बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, बीकानेर और श्रीगंगानगर में दिन में गर्मी के तेवर तीखे रहे हैं और अधिकतम तापमान 34 से 37 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हो रहा है। बारिश के थमे दौर से बांधों में भी पानी की आवक थमने लगी है। जयपुर शहर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में रोजाना जलस्तर दो सेंटीमीटर कम हो रहा है और आज बांध का जलभराव 309.18 आरएल मीटर रिकॉर्ड हुआ है।