जयपुर

राजस्थान हाईकोर्ट का 552 रोडवेज परिचालकों को लेकर बड़ा फैसला, अब ये नहीं होंगे नौकरी से बहार

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Sep 19, 2018
roadways
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जयपुर।

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम लिमिटेड के परिचालकों को लेकर बड़ा फैसला दिया है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम लिमिटेड के परिचालकों के लिए कोर्ट का यह फैसला राहत भरा है।

राजस्थान रोडवेज में परिचालक के पदों पर नौकरी कर रहे 2010 की भर्ती के अभ्यर्थियों का दोबारा से परिणाम जारी किया गया था। संशोधित परिणाम के बाद जो अभ्यर्थी नौकरी कर रहे उन्हें परिणाम के आधार पर बाहर कर दिया था। परिणाम के अनुसार सभी 552 अभ्यर्थी को नौकरी से निकालने का आदेश था। संशोधित परिणाम के दायरे में सफल अभ्यर्थियों को जल्द ही नियुक्ति पत्र जारी कर रोडवेज विभाग ने पुनः परिणाम जारी कर उन 943 पदों के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी। 552 अभ्यर्थी जिन्हे नियुक्ति मिल गई थी और नौकरी कर रहे हैं वो सब नौकरी से बाहर हो रहे थे।

इसी के चलते बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए सभी कर्मचारियों को नौकरी पर बने रहने का आदेश दिए है। साथ ही रिवाइज लिस्ट में सफल 461 अभ्यर्थियों को भी मैरिट से नियुक्ति के आदेश दिए हैं। पहले 943 पदों के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी। लेकिन अब कोर्ट के फैसले के बाद सभी 552 कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहेगी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि 8 साल से नौकरी कर रहे कर्मचारियों को हटाना बिलकुल भी उचित नहीं है।


तीसरे दिन भी जारी रही रोडवेज की हड़ताल

वहीं सरकार व कर्मचारियों के बीच लड़ाई में तीसरे दिन भी मुसाफिर बे-बस देखते रहे। सरकार पर समझौता नहीं मानने का आरोप लगा रोडवेज कर्मचारी बुधवार को भी हड़ताल पर रहे। लिहाजा रोडवेज बसों के चक्के थमे रहे। इससे बस स्टैण्ड पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। एक भी बस नहीं चली। लगातार दो दिन से संचालन ठप रहने से यात्री परेशान हो गए। आगार को भी लाखों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा।

राजस्थान रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा। बस स्टैण्ड पर बसें कतारबद्ध खड़ी रही। उधर, हड़ताल को देखते पुलिसकर्मी तैनात थे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने प्रदेश प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए दुबारा नहीं बुलाया। इससे हड़ताल जारी रहेगी।

रोडवेज बसों की हड़ताल से निजी बस मालिकों की चांदी हो गई। खासतौर से लम्बे रूट पर निजी बसों में मनमाना किराया वसूला जा रहा है। लोगों के पास निजी बस एकमात्र साधन हो गया है। बस में जगह नहीं मिलने की बात कहकर अधिक दाम लिए जा रहे है।

Updated on:
19 Sept 2018 04:46 pm
Published on:
19 Sept 2018 04:46 pm