जयपुर

Rajasthan Housing Board: 30 साल पुराने भूमि अवाप्ति मामले में हाईकोर्ट का दखल से इनकार

जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में गंगा मार्ग को चौड़ा करने में आ रही बाधा अब हट सकती है। करीब 30 साल पुराने भूमि अवाप्ति मामले में हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप से मना कर दिया है, जिससे अतिक्रमण हटाने और सड़क विस्तार की उम्मीद बढ़ गई है।

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Feb 09, 2026
आवाजाही के लिए एक ही मार्ग

जयपुर। हाईकोर्ट ने जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में स्थित राजस्थान आवासन मंडल की इंदिरा गांधी नगर योजना से जुड़े करीब 30 वर्ष पुराने भूमि अवाप्ति मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है।

कोर्ट के इस फैसले के बाद कुंदनपुरा के पास गंगा मार्ग को चौड़ा करने में आ रही बड़ी बाधा हट गई है। लंबे समय से इस सड़क पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं।

नहीं हटाए अतिक्रमण

बीते वर्ष प्रशासन ने गंगा मार्ग की मुख्य सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी, लेकिन कुंदनपुरा की ओर जाने वाले हिस्से में अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाए गए।

कोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, गंगा मार्ग स्कीम के लिए वर्ष 1996 में जमीन अवाप्त की गई थी। इस अवाप्ति को कुछ लोगों ने अदालत में चुनौती दी थी।

पहले यह मामला हाईकोर्ट की एकलपीठ में गया, जहां राहत नहीं मिलने पर अपील के रूप में खंडपीठ में पहुंचा। अपीलकर्ताओं ने मुआवजा राशि के साथ-साथ अवाप्ति के बदले दूसरी जमीन देने की मांग भी की थी, लेकिन कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया।

रविवार रात हुआ हादसा

सड़क संकरी होने और पर्याप्त रोड़ लाइट न होने के कारण रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कुंदनपुरा मोड़ के पास रविवार रात को दो कारों की भिंड़त हो गई।

यह हादसा उस समय हुआ जब एक ईवी कार कुंदनपुरा से सीबीआई फाटक की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी कार सीबीआई फाटक से कुंदनपुरा की ओर जा रही थी। हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

हादसे की सूचना ईवी कार चालक ने दी, जबकि दूसरा कार चालक वाहन वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों कारों को क्रेन की मदद से थाने भिजवाया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद सड़क चौड़ी करने की मांग करने वाले स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है।

अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही अतिक्रमण हटाकर सड़क विस्तार का काम शुरू करेगा, जिससे यातायात सुगम होगा और हादसों में कमी आएगी।

इस मामले में आवासन मंडल की कमिश्नर रश्मि शर्मा, सचिव गोपाल सिंह और चीफ इंजीनियर अमित अग्रवाल को जिम्मेदार अधिकारियों के रूप में देखा जा रहा है।

Updated on:
09 Feb 2026 06:02 pm
Published on:
09 Feb 2026 05:04 pm
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