(Rajasthan Highcourt)राजस्थान हाईकोर्ट ने कनिष्ठ विधि अधिकारी भर्ती-2019 में करीब 30 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का परीक्षा केन्द्र सिर्फ अजमेर जिले में रखने पर (RPSC) आरपीएससी के (secratary) सचिव को गुरुवार को पेश होने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि आयोग अदालती आदेश को बाईपास करने का काम रहा है।
जयपुर
(Rajasthan Highcourt)राजस्थान हाईकोर्ट ने कनिष्ठ विधि अधिकारी भर्ती-2019 में करीब 30 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का परीक्षा केन्द्र सिर्फ अजमेर जिले में रखने पर (RPSC) आरपीएससी के (secratary) सचिव को गुरुवार को पेश होने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि आयोग अदालती आदेश को बाईपास करने का काम रहा है। न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने यह अंतरिम निर्देश आनंद शर्मा व अन्य की याचिकाओं पर दिए।
याचिकाओं में कहा गया कि आरपीएससी ने कनिष्ठ विधि अधिकारी के 156 पदों पर भर्ती निकाली है, जिसकी लिखित परीक्षा 26 और 27 दिसंबर को तय की है। इसमें करीब 30 हजार अभ्यर्थी शामिल होने की संभावना है। इसके बावजूद आयोग ने सिर्फ अजमेर जिले में ही परीक्षा केन्द्र बनाए हैं, जबकि हाईकोर्ट एपीपी भर्ती के मामले में एक दिसंबर 2011 को आदेश दे चुका है कि दस हजार से अधिक अभ्यर्थी होने पर एक से अधिक जिलों में परीक्षा केन्द्र बनाए जाने चाहिए। इसके अलावा वर्ष 2013 में ली गई कनिष्ठ विधि अधिकारी की परीक्षा में भी तीन जिलों में परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। आरपीएससी की ओर से कहा गया कि परीक्षा में तीस हजार नौ सो अभ्यर्थियों को बुलाया गया है और पहले भी अजमेर जिले में तीस हजार तक अभ्यर्थियों की परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कराई जा चुकी है, लेकिन अदालत आरपीएससी के वकील की दलील से संतुष्ठ नहीं हुई और आरपीएससी सचिव को पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।