नासा द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया हबल टेलीस्कोप ने एक ब्लैकहोल को तेजी से भागते हुए कैद किया गया है। नासा के अनुसार अगर यह ब्लैकहोल हमारे सौर मंडल में होता तो इसे पृथ्वी से चंद्रमा तक पहुंचे में केवल 14 मिनट ही लगते। यह ब्लैकहोल बहुत ही बड़ी है, इसका द्रव्यमान 20 मिलियन सूर्य के बराबर है। इसके सितारों के निशानों का व्यास हमारी आकाशगंगा की मिल्की वे से दोगुनी है। इसे नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने गलती से कैद किया है।
यह ब्लैकहोल अपने प्रकाश से तारों को निगलने के लिए कुख्यात है, जो ब्रह्मांडीय पीएसी मैन की तरह कार्य करने के लिए बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके रास्ते में जो भी कुछ भी आता है, यह उसको निगल लेता है। इसके व्यवहार ने वैज्ञानिकों को अचंभित कर दिया है।
इस ब्लैकहोल में बहुत सारे सितारे होने की उम्मीद जताई जा रही है। कुछ खगोलविदों का मानना है कि यह आश्चर्यजनक घटना तीन सुपरमैसिव ब्लैकहोल के कई टकरावों का परिणाम है, जिनमें से दो लगभग 50 मिलियन साल पहले टकराए होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार- यह संकरे गलियारे के साथ नये तारों के निर्माण को ट्रिगर करने के लिए विभिन्न गैसों का मिश्रण कर रहा है, जो नये सितारोंं के निशान बना रहा है।
खगोलविदों के अनुसार- इन परिस्थितिजन्य साक्ष्य द्वारा निकाला जा सकता है कि उस आकाशगंगा के केंद्र में कोई सक्रिय ब्लैकहोल शेष नहीं है। इन सिद्धांतों की पुष्टि करने के लिए अब नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप और चंद्र एक्स-रे वैधशाला के साथ अनुवर्ती अवलोकन करेंगे। नासा की आगामी नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप भी कुछ अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकता है।