जयपुर

Jaipur News: अब मनमानी नहीं चलेगी, ईरिक्शा पर 19 अक्टूबर से सख्ती, बिना क्यूआर कोड चलने वालों पर होगी कार्रवाई

Jaipur E-rickshaw: जयपुर की चारदीवारी में 19 अक्टूबर से बिना QR कोड वाले ई-रिक्शा पर कार्रवाई होगी। पांच जोन में संचालन तय किया गया है और पूरे क्षेत्र में अधिकतम 250 ई-रिक्शा चलाने की सीमा निर्धारित की गई है।
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Oct 14, 2026
jaipur e-rickshaw
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जयपुर. चारदीवारी में ट्रैफिक जाम और ई-रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रही है। 19 अक्टूबर से केवल पंजीकृत और क्यूआर कोड वाले ई-रिक्शा ही संचालित हो सकेंगे। पूरे जयपुर शहर को सात जोन में बांटकर जोनवार संचालन करने की तैयारी है। प्रत्येक ई-रिक्शा पर निर्धारित रंग की पट्टी और क्यूआर कोड होगा। इसे स्कैन करते ही चालक और वाहन की जानकारी मिल सकेगी। अब तक 132 ई-रिक्शा का सत्यापन पूरा हो चुका है। बिना पंजीकरण संचालन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

चारदीवारी के पांचों जोन में 50-50 ई-रिक्शा की सीमा तय की गई है। पूरे क्षेत्र में अधिकतम 250 ई-रिक्शा ही चलेंगे। अभी चारदीवारी और 7 हजार से 8 हजार ई-रिक्शा चल रहे है। हवामहल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और गोविंददेवजी मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन व धार्मिक स्थलों के कारण चारदीवारी में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बाजारों की संकरी सडकों पर ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या यातायात दबाव बढ़ाती है। ऐसे में अब ई-रिक्शा की भीड़ और चालकों की मनमानी पर नियंत्रण लगेगा।

250 की सीमा, 132 का सत्यापन पूरा

नई व्यवस्था के लिए ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की जांच में अब तक 132 ई-रिक्शा पंजीकरण के योग्य पाए गए है। यातायात पुलिस ने चालकों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ जल्द पंजीकरण कराने की अपील की है।

क्यूआर कोड नहीं तो कार्रवाई

19 अक्टूबर से चारदीवारी क्षेत्र में बिना डिजिटल पंजीकरण और क्यूआर कोड के ई-रिक्शा चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। चालक जयपुर पुलिस की वेबसाइट https://erickshaw-jaipurpolice.rajasthan.g ov.in/ या ई-रिक्शा ऐप के जरिए पंजीकरण करवा सकते हैं। क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था से निर्धारित जोन में ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित किया जाएगा।

पांच जोन में संचालन तय

  • जोन 7ए: संजय सर्कल, माउंट रोड, गणगौरी बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार, पुरानी बस्ती, फूटा कोट, गढ़ गणेश, ब्रह्मपुरी चौक और चौगान चौराहा।
  • जोन बीः अजमेरी गेट, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, नेहरू बाजार और किशनपोल बाजार।
  • जोन 7 सीः सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता और बापू बाजार।
  • जोन 7डी: बड़ी चौपड़, रामगंज चौपड़, सूरजपोल गेट, गलता गेट चौराहा, रामगंज बाजार और घाट बाजार।
  • जोन 7ईः बड़ी चौपड़, हवामहल बाजार, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, चारदरवाजा, घोड़ा निकास तथा गोविंददेवजी, जंतर-मंतर और सिटी पैलेस के आसपास का क्षेत्र।

जुलाई में चलने थे जोनवार ई-रिक्शा

शहर में जोनवार ई-रिक्शा चलने थे। लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। फिटनेस, पर्याप्त दस्तावेज नहीं होने से ई-रिक्शा चालकों को समय दिया गया। जिससे प्रक्रिया में देरी हुई। वाहन चालकों को भी लाइसेंस बनाने के लिए समय दिया गया।

ट्रैफिक के एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ) हरिप्रसाद सोमानी से सवाल-जवाब

Q. जुलाई में ई-रिक्शा की व्यवस्था सुधारने का निर्णय क्यों अटक गया?

जवाबः ई-रिक्शा चालकों से आवेदन के लिए कहा गया था, लेकिन फिटनेस और पूरे दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें समय दिया गया था।

Q. इस बार यह लागू होगा, इसकी क्या गारंटी है?ट

जवाबः इस बार क्यूआर कोड के जरिए वाहनों की पहचान और उनके निर्धारित जोन की जांच की जाएगी। इसके लिए सख्ती से निपटा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस इसके लिए अभियान चलाएगी, अगर कोई बिना अनुमति के चारदीवारी में ई-रिक्शा चलाते हुए पाया गया तो ई-रिक्शा जब्त किया जाएगा। वाहन चालक के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
14 Oct 2026 09:48 am
Published on:
14 Oct 2026 09:48 am