जयपुर

जयपुर में फर्जी IPO के नाम पर 60 लाख से ज्यादा की ठगी, मोटे मुनाफे का दिया झांसा

शेयर बाजार और आईपीओ में रातों-रात मोटा मुनाफा कमाने का ख्वाब देखना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी बानगी इस साइबर फ्रॉड मामले में सामने आई है। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को फर्जी आईपीओ में निवेश का झांसा देकर 61.77 लाख रुपए का चूना लगा दिया।
2 min read
• •
Oct 14, 2026
jaipur cyber fraud
आरोपी सुजीत (पत्रिका फोटो)

जयपुर: शेयर बाजार और आईपीओ में रातों-रात मोटा मुनाफा कमाने का सपना देखना कितना महंगा पड़ सकता है, इसका उदाहरण साइबर ठगी के एक मामले में सामने आया है। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को फर्जी आईपीओ में निवेश का झांसा देकर 61.77 लाख रुपए की चपत लगा दी। मामले में राजस्थान पुलिस की साइबर शाखा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुजीत दिनकर पाटील को ठगी की रकम में से 5 लाख रुपए प्राप्त करने वाले बैंक खाते से जुड़े मामले में दिल्ली जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है।

गूगल पर शेयर बाजार की जानकारी तलाशते समय जाल में फंसा परिवादी

साइबर ठगों ने परिवादी को उस समय अपने जाल में फंसाया, जब वह गूगल पर शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी तलाश रहा था। आरोपियों ने उसे ‘विकासा कैपिटल’ नाम के फर्जी पोर्टल से जोड़ा। इसके बाद व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से उसे निवेश के लिए प्रेरित किया गया। ठगों ने फर्जी निवेश मंच पर उसका खाता खुलवाया और ‘सत्कार शॉपिंग’ के आईपीओ में निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई।

पोर्टल पर दिखाते रहे काल्पनिक मुनाफा

आरोपियों ने ठगी के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिससे परिवादी को निवेश पर अच्छा मुनाफा होने का भरोसा बना रहे। फर्जी पोर्टल पर उसकी निवेश की गई रकम के साथ काल्पनिक मुनाफा भी लगातार बढ़ता हुआ दिखाया जाता था। इससे परिवादी को लगा कि उसका निवेश फायदे में चल रहा है और वह अधिक रकम लगाने के लिए प्रेरित हुआ। जब परिवादी ने अपनी जमा की गई बड़ी रकम निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने खाते के फ्रीज होने का बहाना बनाया। इसके बाद उन्होंने उससे संपर्क तोड़ लिया। इस तरह परिवादी को 61.77 लाख रुपए की आर्थिक चपत लगी।

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी, ब्रोकर और निवेश मंच की प्रामाणिकता की जांच करना जरूरी है। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर मिलने वाले अनजान निवेश टिप्स और मोटे मुनाफे के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी अनजान एप या पोर्टल पर पैसा लगाने से पहले सेबी की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित नियामकीय स्रोतों से उसकी वैधता जांचें। निवेश के नाम पर किसी व्यक्ति या संस्था के कहने पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करने से बचें। ऑनलाइन निवेश में सतर्कता और तथ्यों की जांच ही साइबर ठगी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।

Updated on:
14 Oct 2026 09:24 pm
Published on:
14 Oct 2026 09:24 pm