
Atar Singh Bhadana Murder Case (Patrika File Photo)
Atar Singh Bhadana Murder Case: भरतपुर: 11 अक्टूबर की शाम सत्ताधारी पार्टी के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हमले में मौत हुई थी। उस दिन फायरिंग भी की गई थी। पुलिस अब तक फायरिंग की बात को गलत बताने में जुटी थी, लेकिन मौके से कारतूस के दो खोल मिलने के बाद फायरिंग होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, फायरिंग किसने की, इसकी जांच अभी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस टीम पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, ताकि उनके पास मौजूद डीवीआर से सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बरामद की जा सके।
जांच में सामने आया है कि वारदात स्थल पर एफएसएल टीम को कारतूस के दो खोल मिले हैं। ये देशी कट्टे के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। दीवार या किसी वाहन पर फायरिंग के निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में आशंका है कि किसी भी पक्ष की ओर से फायरिंग की गई हो सकती है। इसकी असलियत का पता सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से ही चल सकेगा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म पर लीज के रास्ते को लेकर लगातार भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही थीं। कभी महिलाओं तो कभी पुरुषों को साथ लेकर ये पोस्ट वायरल की जा रही थीं। सात अक्टूबर को छिटपुट विवाद होने के बाद घटना वाले दिन धरना स्थल से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया था। इसके साथ ही पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के सुरक्षाकर्मियों की ओर से वीडियो के माध्यम से उकसाने की बात भी सामने आई है। इनमें कुछ सुरक्षाकर्मियों के धौलपुर क्षेत्र से होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस सामने आ रहे सभी वीडियो की पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पांचों आरोपियों को दो दिन के पुलिस कस्टडी (पीसी) रिमांड पर सौंप दिया। आरपीएस कैलाश चौधरी ने बताया कि पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मामले में भागमल, सोनी, शेर सिंह, बलदेव और कुंवर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पांचों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट सुविहाय हाफिज सिद्दकी के समक्ष पेश किया और तीन दिन का पीसी रिमांड मांगा। हालांकि, न्यायालय ने उन्हें दो दिन के पीसी रिमांड पर सौंपा।
बताया जा रहा है कि गांव भौंडा के ग्रामीणों की आसपास के गांवों में रिश्तेदारियां हैं। ज्यादातर ग्रामीणों की रिश्तेदारी बयाना क्षेत्र में है, जहां डांग और पहाड़ी इलाके स्थित हैं। ऐसे में आशंका है कि आरोपी अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए हैं। कुछ स्थानों पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन आरोपी वहां पहुंचने से पहले ही फरार हो चुके थे। वहीं, मुख्य आरोपियों के हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छिपे होने की आशंका के चलते पुलिस की कुछ टीमें वहां भी भेजी गई हैं।
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को हरियाणा के फरीदाबाद में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और खेद व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से बात कर दोषियों को गिरफ्तार कराने तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बताया जाता है कि पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया का करीबी माना जाता था।
ऐसे में माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम को लेकर कुछ नेता राज्य सरकार पर दबाव बना सकते हैं, ताकि मामले की जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। हालांकि, पूर्व विधायक भड़ाना के पुत्र और पत्नी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। माना जा रहा है कि यदि सीबीआई जांच होती है, तो मामले में बड़े कनेक्शन की जो संभावनाएं जताई जा रही हैं, उनका भी खुलासा हो सकता है।
गांव भौंडा में प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। एक दिन पहले ही गांव में सरकारी चारागाह भूमि, सरकारी स्कूल के रास्ते और अन्य सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों तथा पक्के निर्माणों को चिह्नित किया गया था। अवैध अतिक्रमण करने वालों को चिह्नित कर तीन दिन का नोटिस जारी किया गया है। उन्हें हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित समय सीमा में स्वयं ही अतिक्रमण हटा लें। तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को नोटिस की तीन दिन की अवधि पूरी हो रही है। ऐसे में प्रशासन को अब इस संबंध में अंतिम निर्णय लेना है।
Updated on:
14 Oct 2026 08:25 pm
Published on:
14 Oct 2026 08:25 pm
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