जयपुर

जयपुर नगर निगम की जल्दबाजी, गांवों को शहर में जोड़ा, सुविधाओं का रास्ता नहीं छोड़ा; राहत के लिए भटक रहे लोग

जयपुर में JDA सीमा विस्तार के बाद गांवों में जमीन संबंधी काम अटक गए हैं। हाईकोर्ट की रोक के बीच पट्टे, निर्माण और विकास कार्य प्रभावित होने से ग्रामीण परेशान हैं।
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Oct 17, 2026
Jaipur JDA boundary expansion
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जयपुर. शहर का दायरा बढ़ाकर गांवों को नियोजित विकास से जोड़ने का दावा किया गया, लेकिन सीमा विस्तार के बाद अब उन्हीं गांवों में जमीन संबंधी कामकाज और विकास की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। हाईकोर्ट की निर्माण संबंधी रोकन के बाद जेडीए के जल्दबाजी में लिए गए फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। जेडीए के इस फैसले से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। अगर मास्टरप्लान-2025 की बात करें तो इसके हिसाब से भी शहर में सड़कों का काम अधूरा पड़ा है। जेडीए ने सीमा विस्तार के साथ ही अधिकारियों और अभियंताओं की तैनाती कर प्रशासनिक ढांचा खड़ा किया गया। मार्च में राजस्थान हाईकोर्ट ने सीमा विस्तार के तहत नए शामिल गांवों में निर्माण गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी। सवाल यह है कि इस बीच ग्रामीणों के जरूरी कामों का रास्ता कौन निकालेगा? जेडीए सीमा क्षेत्र की 17 तहसीलों का एक जैसा हाल है।

शाहपुराः जाना पड़ रहा 60 किमी दूर

शाहपुरा तहसील के करीब 50 से अधिक गांव जेडीए में शामिल किए गए थे। लेकिन अभी तक तहसील स्तर पर जेडीए की ओर से जोन कार्यालय नहीं खोला गया है। आमजन को जेडीए से संबंधित कार्यों के लिए 60 किमी दूर जयपुर जेडीए कार्यालय ही जाना पड़ता है। शाहपुरा तहसीलदार दाताराम गुर्जर ने बताया कि जेडीए में शामिल गांवों में जमीनों के अलाटमेंट, कन्वर्जन सहित अन्य कार्य होने लग गए है। स्थानीय स्तर पर कोई शिविर भी जेडीए ने शिविर नहीं लगाए हैं।

चौमूं: जयपुर जाने की मजबूरी

जेडीए सीमा विस्तार में चौमूं तहसील के करीब 44 से अधिक गांव जेडीए में शामिल हुए है। स्थानीय स्तर पर कार्यालय न होने की वजह से ग्रामीणों को 30 से 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। पूर्व सरपंच मांगीलाल ने बताया कि अक्टूबर 2025 के सीमा विस्तार और 18 मार्च 2026 की हाईकोर्ट रोक से विकास कार्य प्रभावित है। हाईकोर्ट के स्टे और प्रशासनिक अस्पष्टता के कारण कई विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।

ग्रामीणों का दर्द : कोई निर्माण नहीं कर सकते

ग्राम पंचायत पड़ासोली सहित जितनी भी ग्राम पंचायतें जेडीए में शामिल की है, उन सभी की कृषि व अन्य भूमि राजस्व रिकॉर्ड में जेडीए के नाम ही बोल रही है।
-अशोक कुमार मीना, प्रशासक, ग्राम पंचायत (बस्सी)

ग्राम पंचायतों में सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट के काम अटक रहे हैं। जमीनों के कई महीनों से पट्टे, नामांतरण नहीं खुल रहे हैं। कोई निर्माण कार्य नहीं कर सकते हैं, कृषि भूमि के उपयोग परिवर्तन काम भी अटक रहे हैं।
-कल्याण सहाय, प्रशासक, मोहनपुरा

Updated on:
17 Oct 2026 09:12 am
Published on:
17 Oct 2026 09:12 am