
तबादलों के बाद जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और वन विभाग के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है। वन विभाग ने जेडीए की उद्यान शाखा में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत उप वन संरक्षक से लेकर वन रक्षकों तक 19 अधिकारी-कर्मचारियों को एक साथ एपीओ कर मुख्यालय बुला लिया है। इनके वापस लौटने से जेडीए की उद्यान शाखा लगभग खाली हो गई है। ऐसे में मानसून के दौरान पौधारोपण, पौधों के वितरण और उद्यानों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
वन विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) कार्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित अधिकारियों में पहले से जेडीए में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारी भी शामिल हैं और 10 जुलाई की तबादला सूची में जेडीए के लिए लगाए गए अधिकारी भी चपेट में आ गए हैं।
उप वन संरक्षक: गुलजारी लाल
सहायक वन संरक्षक: नीलोफर, निखिल शर्मा और मयंक महारिया
क्षेत्रीय: विकास शर्मा, पृथ्वीराज मीणा, इंद्रेश यादव, राहुल शर्मा, जितेंद्र सिंह राठौड़, हर्ष कुमार शर्मा और रामकरण मीणा
वनपाल: महेंद्र टारिया, चेतराम और दयानंद यादव
सहायक वनपाल: श्याम श्री शर्मा, राजाराम मीणा और कालूराम मौर्य
वनरक्षक: होशियार सिंह और दिनेश कुमार शर्मा
वन विभाग के कर्मचारी किन जगहों पर प्रतिनियुक्ति पर गए हुए हैं, उनको वापस बुलाया गया है। आगे जरूरत के हिसाब से भेजा जाएगा। कई विभागों में जरूरत से ज्यादा और लम्बे समय से काम कर रहे हैं।
-अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ)
संबंधित शाखा के उच्च अधिकारियों से पता कर इस बारे में आपको जानकारी दे सकती हूं। अभी मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
-प्रतिभा पारीक, अतिरिक्त आयुक्त प्रशासन, जेडीए