
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सांभर जिला प्रचारक के साथ नरैना थाने में मारपीट और अभद्रता के मामले ने रविवार को तूल पकड़ लिया। घटना के विरोध में संघ के स्वयंसेवकों का गुस्सा फूट पड़ा, जिससे पूरे दिन थाने में तनावपूर्ण माहौल रहा। मामला बिगड़ते देख जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद नरैना पहुंचे और छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। इस प्रकरण में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया गया है। उधर, मारपीट में घायल जिला प्रचारक को नरैना से उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया है।
इस मामले में नरैना थाना प्रभारी उमराव सिंह, सहायक थाना प्रभारी ओंकार सिंह, रमेशचंद, कुलदीप, महिपाल, विनोद और अजय के खिलाफ नरैना थाने में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। एसपी ने ओंकार सिंह, रमेशचंद, कुलदीप, महिपाल, विनोद और अजय को निलंबित किया है। मामले की जांच दूदू सीओ अनुपम मिश्रा को सौंपी है।
घटना की जानकारी मिलते ही जयपुर भाजपा दक्षिण जिलाध्यक्ष राजेश गुर्जर, पूर्व विधायक निर्मल कुमावत, चौमूं के पूर्व विधायक रामलाल शर्मा सहित भाजपा व संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता नरैना थाने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने थाना परिसर में बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पूरे थाने को सस्पेंड करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
संघ के नरैना खंड कार्यवाह अनुराग आगीवाल ने मामला दर्ज कराया कि 10 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे नरैना थाने के पुलिसकर्मी गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पैदल जा रहे जिला प्रचारक कृष्ण अवतार को रोककर पूछताछ की तो कहासुनी हो गई। जिस पर पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले आए। आरोप है कि थाने में जिला प्रचारक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान संघ और उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर अभद्र व अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एक स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाकर इंजेक्शन लगवाया और होश आने पर फिर मारपीट की।
'मामले में प्रथम दृष्टया आरोपित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। थानाप्रभारी के निलंबन के लिए पुलिस महानिदेशक को अनुशंसा भेजी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। -हनुमान प्रसाद, एसपी, जयपुर ग्रामीण