
जयपुर. रसोई गैस की किल्लत प्राय: सर्दी में सामने आती है लेकिन राज्य में सर्दी की विदाई के समय सिलेंडरों की मारामारी मच रही है। जयपुर की कई एजेंसियों सहित राज्य में कई जगह 3-4 दिन का बैकलॉग (पिछले लम्बित) चल रहा है। ऐसे में हजारों उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि बुक कराने के बाद एक-दो दिन में सिलेंडर मिल जाना चाहिए लेकिन सप्ताहभर बाद मिल रहा है।
यह रहा मुख्य कारण
मध्य-पूर्व से आने वाले एलपीजी के जहाज सप्ताहभर से भारत नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में बॉटलिंग प्लांट में गैस की कमी हो गई है, पर्याप्त गैस सिलेंडर भर नहीं पा रहे हैं।
सिलेण्डरों का गणित
1.50 करोड़ रसोई गैस उपभोक्ता हैं राज्य में
20 लाख उपभोक्ता जयपुर में
1180 गैस एजेंसियां हैं राज्य में तीनों तेल कम्पनियों की
84 गैस एजेंसियां हैं जयपुर में
इन कारणों से भी अव्यवस्था
- कुछ गैस के प्लांटों पर मांगा ज्यादा, उसके अनुरूप आपूर्ति की व्यवस्था नहीं।
- कंपनियों की दरों पर कई जगह ट्रांसपोर्टर काम नहीं कर पा रहे, ऐसे में प्लांटों पर समय से आपूर्ति नहीं हो पा रही।
- सर्दी में खपत डेढ़ गुणा बढ़ जाती है, इससे किल्लत और बढ़ गई।
- कई जिलों में 2-3 वितरकों तक सिलेंडर पहुंचाने के लिए एक ही वाहन संचालित है।
- एक फरवरी को डिजिटल लेन-देन का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कंपनियों ने एजेंसियों का सॉफ्टवेयर बंद कर दिया। इसके बाद पूरे दिन राज्य में सिलेंडरों की आपूति नहीं हुई। राज्य में 28 लाख, जयपुर में 2 लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए। एक दिन आपूर्ति न हो तो व्यवस्था को पटरी पर लाने में लगभग 4 दिन लगते हैं।
उपभोक्ता परेशान
- शिवाली गुप्ता, मानसरोवर : रात को सिलेंडर खत्म हो गया। बुक कराने के 8 दिन बाद मिला। इस बीच बड़ी समस्या भोगनी पड़ी। पड़ोसी से सिलेंडर मांगकर काम चलाना पड़ा।
- अंशुल सैकड़ा, वैशालीनगर: बुक कराने के 5 दिन बाद सिलेंडर आया। बहुत समस्या रही, एजेंसी के चक्कर लगाने पड़े। वहां से कहा गया कि आगे से सप्लाई नहीं आ रही है।
- गैस की किल्लत तेल कंपनियों का कुप्रबंधन उजागर कर रही है। एजेंसी और ट्रांसपोर्टरों से समन्वय रखना चाहिए। - कार्तिकेय गौड़, महासचिव, एलपीजी वितरक, राज.
- कई एजेंसियों में समय पर सिलेंडर पहुंच रहे हैं। कहीं समस्या है तो ठीक करा देंगे। रवीन्द्र गर्ग, राज्य समन्वयक (तेल कंपनियां)