
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने रीट परीक्षा 2021 का पेपर आउट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी सहित दो जनों को पकड़ा हैं। एसओजी अब तक इस प्रकरण में 35 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।
एटीएस एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक अशोक राठौड़ ने बताया कि एसओजी ने रीट परीक्षा पेपर आउट प्रकरण में मुख्य आरोपी भजनलाल को पूर्व में गिरफ्तार किया था। भजनलाल से अनुसंधान करने पर सामने आया कि रीट का पेपर भजनलाल विश्नोई को चितलवना जालौर निवासी उदाराम विश्नोई द्वारा गिया गया था। पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया कि उदाराम को त्रिवेणी नगर गोपालपुरा निवासी रामकृपाल मीणा ने शिक्षा संकुल जयपुर में स्थित पेपर संग्रहण केन्द्र से परीक्षा से पहले 25 सितंबर 2021 को ही पेपर निकालकर दिया गया था। एसओजी उदाराम और रामकृपाल मीणा से पूछताछ कर रही हैं। इस प्रकरण से जुड़े गिरोह के अन्य आरोपियों और लाभार्थियों से जानकारी प्राप्त की जा रही हैं। गौरतलब है कि इस प्रकरण में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।
1 करोड़ २२ लाख में दिया था पेपर
राठौड़ ने बताया कि रामकृपाल मीणा ने ही शिक्षा संकुल स्थित पेपर संग्रहण केन्द्र से परीक्षा से पहले 25 सितंबर 2021 को पेपर निकालकर उदाराम विश्नोई को दिया था । इसके बदले उदाराम विश्नोई की ओर से एक करोड़ 22 लाख रूपए देने की जानकारी सामने आई है । आरोपी उदाराम विश्नोई ने यह पेपर भजनलाल विश्नोई को मुहैया कराया था । उन्होंने बताया कि इस मामले में भजनलाल विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इन दोनों आरोपियों का नाम सामने आया था । आरोपी रामकृपाल मीणा जयपुर में निजी शिक्षण संस्थान संचालित करता है । इससे पहले भी रामकृपाल मीणा द्वारा कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने की जानकारी के लिए एसओजी पूछताछ कर रही हैं।