जयपुर

‘मंदिर में जूते-चप्पल पहनकर और रील बनाते हुए घुसे थे CJP कार्यकर्ता’ जानें बगरू MLA कैलाश वर्मा ने क्या-क्या कहा?

बगरू के रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल विवाद के बाद विधायक कैलाश वर्मा ने CJP कार्यकर्ताओं पर गांव का माहौल बिगाड़ने और मंदिर में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश करने का आरोप लगाया है।
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Aug 22, 2026
ashutosh ranka and mla kailash
MLA कैलाश वर्मा और आशुतोष रांका की फोटो: सोशल मीडिया

Attack On Ashutosh Ranka And CJP Team: जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल विवाद को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। स्कूल निरीक्षण के दौरान CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के बाद अब बगरू विधायक कैलाश वर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है। विधायक ने CJP से जुड़े लोगों पर गांव में माहौल अशांत करने का आरोप लगाया है। साथ ही ग्रामीणों के सम्मान और सामाजिक सौहार्द को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।

कैलाश वर्मा ने अपनी पहली पोस्ट में आरोप लगाया कि 'जयपुर के बगरू विधानसभा के ग्राम रामपुरा में शुक्रवार को CJP के कुछ व्यक्ति सैकड़ों लोगों के साथ गांव में पहुंचे। गाड़ियों के साथ रील बनाते हुए माहौल को अशांत करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, मंदिर प्रांगण में जूते-चप्पल सहित प्रवेश किया गया और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित स्कूल में भी प्रवेश किया। इससे महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल बना। इसके बावजूद ग्रामीणों ने संयम का परिचय देते हुए समझाइश से मामला शांत रखने का प्रयास किया और बात को तूल नहीं दिया। इन्हें ग्रामीणों ने अवगत भी कराया कि हमारे स्कूल के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है आप लोग गांव में अशांति ना फैलाए लेकिन उनके साथ आए कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों ने माहौल बिगाड़कर सुर्खियां बटोरने की नीयत से मारपीट की। अव्यवस्था और अशांति का वीडियो बनाकर उसे स्वयं ही सोशल मीडिया पर प्रसारित किया ताकि पूरे घटनाक्रम को एक अलग रंग दिया जा सके। युवाओं को बरगलाकर झूठी सहानुभूति हासिल की यह कोशिश ज्यादा देर नहीं चली। घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने से इनकी पूरी साजिश पहले ही बेनकाब हो चुकी है।'

‘स्कूलों में हो रहा विकास कार्य’

विधायक कैलाश वर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि बगरू विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों राजकीय विद्यालयों में विकास कार्य या तो स्वीकृत हो चुके हैं या प्रगति पर हैं। वर्मा ने कहा कि अगर किसी को स्कूल से जुड़ी कोई समस्या या आपत्ति थी तो ग्रामीणों के साथ बैठकर बातचीत की जानी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव की शांति और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

‘ग्रामीणों को गुंडा कहना लोकतंत्र के खिलाफ’

अपनी दूसरी पोस्ट में विधायक ने ग्रामीणों के सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सम्मान और विरोध दोनों साथ-साथ चलते हैं। विरोध विचारों से हो, व्यक्ति या पूरे गांव की गरिमा से नहीं। गांव ही देश की रीढ़ है। किसानों, मजदूरों और आम ग्रामीणों को 'गुंडा' या 'अपराधी' कहकर संबोधित करना न लोकतंत्र के लायक है न इंसानियत के। स्वच्छ राजनीति का मतलब ही यही है - मुद्दों पर बात हो, अपमान पर नहीं। CJP हो या कोई और, अगर राजनीति करनी है तो जनता के सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए करनी चाहिए। हम ग्रामीणों के सम्मान एवं गरिमा का हनन बर्दाश्त नहीं करेंगे।'

Updated on:
22 Aug 2026 02:08 pm
Published on:
22 Aug 2026 01:46 pm