
बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में आमने-सामने हुए सीजेपी के कार्यकर्ता और ग्रामीण. Photo- Patrika
जयपुर। जयपुर के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र के रामपुरा उर्फ कंवरपुर गांव में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम के साथ मारपीट का मामला दूसरे दिन भी चर्चा में है। मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को राजस्थान सरकार को चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे के भीतर कथित हमलावरों की गिरफ्तारी, स्कूल की मरम्मत शुरू करने और हाल में जारी किए गए सरकारी आदेशों को वापस लेने की दिशा में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
मामले को लेकर शनिवार को राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में राजनीति नहीं होनी चाहिए। हम हिंसा के खिलाफ हैं। अगर कोई गलत काम हुआ है तो पुलिस उसकी जांच कर रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि शिक्षा के मंदिर में ऐसी राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसका बच्चों और उनकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है और इससे गलत धारणाएं बनती हैं। इसलिए, बच्चों के सामने राजनीति नहीं करनी चाहिए।
CJP की चेतावनी के बाद शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान में सरकारी विद्यालयों को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। विगत 2 बजटों में विद्यालयी आधारभूत ढांचे के लिए 12,335 करोड़ रुपए की कार्ययोजना सहित अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। दिलावर ने कहा कि स्कूलों की कमियों को सामने लाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, लेकिन समाधान का मार्ग संवाद, सहयोग और सकारात्मक सहभागिता से ही प्रशस्त होगा। सरकारी विद्यालय मजबूत होंगे, तो राजस्थान का भविष्य मजबूत होगा।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इससे पहले शुक्रवार को विधानसभा में सीजेपी कार्यकर्ताओं के विद्यालय में जाने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उनसे पूछा गया कि उनके आदेश के बावजूद सीजेपी कार्यकर्ता आशुतोष रांका के नेतृत्व में विद्यालय पहुंचे। इस पर दिलावर ने कहा कि बिना अनुमति स्कूल में जाकर किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने अपने विद्यालय की सुरक्षा के लिए जो कदम उठाया, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।
मंत्री से जब सीजेपी के उस आरोप के बारे में सवाल किया गया, जिसमें पूरी घटना को उनके इशारे पर होने का दावा किया है और 48 घंटे में आदेश वापस लेने के साथ मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। इस पर दिलावर ने कहा कि हमारा कोई आदेश यह नहीं है कि बिना अनुमति के विद्यालय में जाया जाए। हमने इतना कहा है कि हमारे विद्यालय सुरक्षित रहने चाहिए, मर्यादा में रहने चाहिए और उनकी निजता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। किसी को विद्यालय में जाना है और उसका कोई उचित कारण है तो संस्था प्रधान से अनुमति लेकर जाएं।
इधर आशुतोष रांका ने शनिवार को कहा कि किसने गुंडागर्दी की और किसने किस पर हमला किया? सारे सबूत जनता के सामने हैं। रांका का कहना है कि हमला करने वालों में कुछ भाजपा के कार्यकर्ता भी थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के लिए बाहर से गुंडे बुलाए गए थे। आशुतोष रांका ने कहा कि हम डरने वाले लोग नहीं हैं, और न ही हम हिंसा का सहारा लेने या पीछे हटने वाले लोग हैं। हम स्कूल को ठीक कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं,और उसी दृढ़ संकल्प के साथ यह लड़ाई जारी रखेंगे। मदन दिलावर ने खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है। अब पूरा देश स्कूलों की दयनीय हालत देखेगा।
21 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे आशुतोष रांका करीब 50-60 लोगों के साथ रामपुरा उर्फ कंवरपुरा पहुंचे। टीम स्कूल भवन की जर्जर स्थिति और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था का जायजा लेने पहुंची थी। भवन की स्थिति खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल से करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में टीनशेड के नीचे पढ़ाया जा रहा है। सीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीम का विरोध किया। इस दौरान कथित रूप से मारपीट और पथराव किया गया तथा टीम को स्कूल परिसर से बाहर जाने के लिए मजबूर किया गया। घटना के बाद ग्रामीणों की ओर से स्कूल के बाहर धरना देने और मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता रोकने की बात भी सामने आई।
दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से 12.50 लाख रुपए स्वीकृत किए जा चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार वे स्वयं स्कूल भवन की मरम्मत करवाना चाहते हैं। इसी मुद्दे को लेकर बाहरी लोगों के स्कूल निरीक्षण का विरोध किया गया। घटना के बाद ग्रामवासियों ने शिवदासपुरा थाने में शिकायत दी। इसमें आरोप लगाया गया कि आशुतोष रांका और उनके साथ आए लोगों ने ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर मारपीट की, जिससे कई लोगों को चोटें आईं। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Updated on:
22 Aug 2026 03:37 pm
Published on:
22 Aug 2026 03:14 pm
