
जयपुर. स्थायी लोक अदालत जयपुर महानगर ने सवाई मानसिंह अस्पताल के विभिन्न भवनों में पार्किंग शुल्क वसूली पर रोक लगा दी है। अदालत ने चिकित्सा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और अस्पताल अधीक्षक को आदेश की पालना कराने को कहा है। एसएमएस अस्पताल में ठेकेदारों की ओर से पाॢकंग शुल्क के नाम पर अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों, उनके रिश्तेदारों एवं भर्ती मरीजों से मिलने आने वालों के वाहनों से सालाना लाखों रुपए वसूले जाते हैं। आदेश को लागू कराने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
न्यायालय ने आदेश में कहा है कि सवाई मानसिंह अस्पताल परिसर में स्वच्छता एवं साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। अस्पताल परिसर में वाहनों को व्यवस्थित रखवाने के लिए उचित स्टाफ की व्यवस्था की जाए। न्यायालय ने यह भी कहा है कि इस आदेश से पहले अस्पताल परिसर में पाॢकंग ठेके की एवज में अस्पताल प्रशासन ने यदि कोई राशि प्राप्त कर रखी है तो उचित व्यक्ति को उचित तरीके से उसकी क्षतिपूर्ति भी की जाए। न्यायालय में यह परिवाद नरेन्द्र पुरी, एडवोकेट ने पेश किया था। जिसकी पैरवी गोवर्धन सिंह एडवोकेट ने की।
राजस्थान पत्रिका की खबरों का असर
राजस्थान पत्रिका में सरकारी अस्पतालों में पार्किंग शुल्क वसूली का मुद्दा उठाया गया था। सचिवालय और सरकारी अस्प्तालों में भी वसूला जा रहा पार्किंग शुल्क शीर्षक से प्रकाशित समाचार के साथ अन्य समाचारों में बताया गया था कि मजबूरी में यहां आने वाले लोगों से शुल्क की वसूली की जा रही है।
27 सितंबर तक बंद करनी होगी वसूली
आदेश के अनुसार आदेश पारित होने के एक माह के अंदर एसएमएस में पार्किंग शुल्क वसूली बंद करनी होगी। अदालत का यह आदेश 27 अगस्त को पारित किया गया था। इस आधार पर 27 सितंबर तक अस्पताल प्रशासन को यह वसूली बंद करनी होगी।
एसएमएस में राहत, इन अस्पतालों में भी बंद हो वूसली
ठेकेदारों की मनमर्जी से जनता है यहां भी परेशान
जयपुर. स्थायी लोक अदालत जयपुर महानगर ने सवाई मानसिंह अस्पताल में पार्किंग शुल्क पर रोक लगाकर लोगों को बड़ी राहत दी है, लेकिन अन्य अस्पतालों में भी हालात ठीक नहीं है। यहां मरीजों और उनके परिजनों से पार्किंग शुल्क के नाम पर रोजाना लाखों रुपए वसूले जा रहे हैं। कई अस्पतालों में तो तय दर से अधिक वूसली की जा रही है। छोटी-छोटी बात पर ठेकेदार के कारिंदे बदसलूकी पर उतारू रहते हैं।
जयपुरिया अस्पताल
जयपुरिया अस्पताल पार्किंग की व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। यहां आने वाले हजारों मरीजों को घुसते ही सबसे पहले पार्किंग शुल्क के नाम पर जेब कटवानी पड़ती है। प्रशासन ने पार्किंग स्थल पर वाहन पार्क का ठेका दे रखा है, मगर ठेकेदार वसूली के चक्कर में ओपीडी के गेट तक वाहनों की पार्किंग करवा रहा है।
महिला चिकित्सालय
महिला चिकित्सालय में प्रवेश करते ही पार्किंग के लिए रोक लिया जाता है। फिर मरीज से पार्किंग के नाम पर वसूली होती है, इसके साथ ही हेलमेट के नाम पर अलग से चार्ज किया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक महिला चिकित्सालय में 1000 दुपहिया और 500 कार आती हैं। प्रति बाइक पर पांच और कार पर दस रुपए की उगाही से प्रतिदिन का आंकड़ा 7500 रुपए के पार हो जाता है। यानी प्रति माह अवैध वसूली दो लाख रुपए को पार कर जाती है।
जेकेलोन अस्पताल
माता-पिता बड़ी उम्मीद से यहां अपने बच्चों को इलाज कराने के लिए आते हैं, मगर गेट पर घुसते ही जेब कटना शुरू हो जाती है। बच्चों की बीमारी से परेशान माता-पिता की ठेकेदार के लोगों से कहासुनी होती रहती है। वहीं जनाना हॉस्पिटल में रोज ऐसे ही हालात देखे जा सकते हैं।