
जयपुर। न्यायिक अधिकारी के घर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के आत्मदाह से जुड़े मामले में जयपुर की अधीनस्थ अदालतों के कर्मचारियों ने सोमवार को भी सामूहिक अवकाश जारी रखा। इस वजह से पचास हजार से ज्यादा मामलों में केवल आगे की तारीख मिली। कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश की वजह से जयपुर महानगर प्रथम और द्वितीय में कोर्ट कार्यालय के ताले तक समय पर नहीं खुले। कोर्ट के दरवाजे पर आगे की तारीख का नोटिस चस्पा कर दिया गया।
कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज करते हुए क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही मंगलवार को सभी तहसील मुख्यालय के कोर्ट कर्मचारियों को जयपुर मुख्यालय बुलाया गया है। कर्मचारियों के अवकाश पर रहने के चलते अदालतों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। कोर्ट ने अधिकांश मामलों में जनवरी 2023 की तारीख तय की है। आवश्यक मामलों में दिसंबर की तारीख तय की गई है।कर्मचारियों ने आत्मदाह मामले में घटना की सीबीआइ जांच और न्यायिक अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की मांग के साथ कर्मचारी के आश्रितों को पचास लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग रखी है। गौरतलब है कि एनडीपीएस मामलों की विशेष अदालत में पदस्थापित कर्मचारी सुभाष मेहरा ने दस नवंबर को न्यायिक अधिकारी के घर की छत पर आत्मदाह कर लिया था। सुभाष देरी होने पर न्यायिक अधिकारी के घर की छत पर बने कमरे में रुकता था।