इस साल गर्मी लोगों की पूरी तरह से अग्नि परीक्षा लेने का काम कर रही है। अप्रेल के बाद मई में गर्मी में सूरज के ताप में झुलसने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इसका सीधा असर जनजीवन पर भी पड़ रहा है। चाकसू में भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति के साथ ही जलापूर्ति भी प्रभावित होने के कारण बिना पानी और बिजली के गर्मी में लोग बिलबिला उठे हैं। पिछले तीन चार दिनों से तो नगर पालिका क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
- चाकसू उपखंड में आमजन के हाल-बेहाल
जयपुर। इस साल गर्मी लोगों की पूरी तरह से अग्नि परीक्षा लेने का काम कर रही है। अप्रेल के बाद मई में गर्मी में सूरज के ताप में झुलसने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इसका सीधा असर जनजीवन पर भी पड़ रहा है। चाकसू में भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति के साथ ही जलापूर्ति भी प्रभावित होने के कारण बिना पानी और बिजली के गर्मी में लोग बिलबिला उठे हैं। पिछले तीन चार दिनों से तो नगर पालिका क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है। वहीं नगर पालिका एवं जलकल विभाग के अधिकारी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। जबकि हकीकत ये है कि पालिका इस भयंकर गर्मी में जलापूर्ति को सुचारू रखने में विफल साबित हो रही है। इसके चलते कस्बे के चम्पेश्वर कॉलोनी मामोडियों का मोहल्ला रावत कॉलोनी कोट का मोहल्ला सहित अधिकांश कॉलोनी में पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बस से मकान में पानी केवल टपक टपक के आ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की लापरवाही पर लोगों में रोष है। आसपास के हेड पंपों या टैंकरों के माध्यम से कोने-कोने दामों में टैंकर मंगा कर मांग को पूरी किया जा रहा है।
मामले में चम्पेश्वर कॉलोनी के पार्षद दिनेश शर्मा ने बताया कि गर्मी में कस्बे के अधिकांश मोहल्ले में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने पर जल्द ही समस्या समाधान का आश्वासन दिया जाता है। रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। इससे निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं लोगों के काम-काज सहित विद्यार्थियों की पढ़ाई भी पानी की समस्या के कारण काफी बाधित हो रही है। हालांकि प्रबंधन द्वारा कुछ क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से पानी आपूर्ति कर कुछ हद तक समस्या से निजात जरूर दिलाई है, लेकिन वो काफी नहीं है। जल्द ही पानी की समस्या को दूर नहीं किया गया तो भयावह स्थिति हो सकती है।