गह लोत का नाम लिए बिना बोले सचिन , मोदी ने तारीफ तो गुलामनबी की भी की थी क्या हुआ सबको पता है
जयपुर। बार - बार आलाकमान से धोखा खाने वाले सचिन पायलट के सब्र का बाँध अब छलकने लगा है। अपनी लम्बी चुप्पी तोड़ते हुए बुधवार को सचिन ने दो बयान ऐसे दिए जिससे लगता है कि अब उनके तेवरों में आक्रामकता बढ़ने वाली है। पहले बयान में उन्होंने आलाकमान को अपमानित करने वालों पर अब तक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया। दूसरे बयान में उन्होंने संकेतात्मक रूप से गहलोत-मोदी के कथित गठजोड़ को गुलाम नबी के बहाने उजागर कर दिया।
बार- बार अपमानित होकर भी अब तक दलीय अनुशासन के नाम पर मौन साधे बैठे सचिन के इन बदले हुए तेवरों को राजस्थान की राजनीति में नए मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। सचिन पायलट जी आज मीडिया से रूबरू हुए । सचिन ने कहा "प्रधानमंत्री ने कल जो बडाइयां की मैं समझता हूं, वह बड़ा दिलचस्प डेवलपमेंट है। इसी तरह प्रधानमंत्री ने सदन के अंदर गुलाम नबी आजाद की बडाई की थी, उसके बाद क्या घटनाक्रम हुआ वह हम सबने देखा है। इसे इतना लाइटली नहीं लेना चाहिए।"
पर्यवेक्षकों को बैरंग लौटाने वाले घटनाक्रम की याद दिलाते हुए पायलट ने कहा कि अनुशासन तोड़ने वालों को नोटिस दिए गए, नोटिसों के जवाब भी दिए गए। लेकिन कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि नोटिस पर भी जल्द कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा तो हो नहीं सकता कि अनुशासनहीनता मानी गई हो और उस पर निर्णय नहीं लिया जाए। जहां तक राजस्थान के सम्बन्ध में निर्णय लेने की बात है, पार्टी महासचिन केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
सचिन यही नहीं रुके, उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि राजस्थान में चुनाव के महज तेरह माह बाकी हैं, ऐसे में जो भी निर्णय लिए जाने हैं वे जल्द लेने चाहिए। किसकों पद पर बैठाना है। किसे क्या जिम्मेदारी देनी है। यह एआईसीसी तय करेगी। हिमाचल और गुजरात चुनावों की बात करते हुए सचिन ने कहा कि वे हिमाचल में पार्टी का प्रचार कर रहे हैं। खुद प्रियंका गांधी भी वहां कैम्प कर रही है। लेकिन जिस तरह से छोटे से राज्य में प्रधानमंत्री के दौरे हो रहे हैं, उसे देख कर लगता है कि हिमाचल की जनता भाजपा की सरकार से खुश नहीं है। डबल इंजन की सरकार का एक इंजन जल्द ही ध्वस्त होने वाला है। सचिन ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी पिक्चर में नहीं है। दोनों राज्यों में कांग्रेस सरकार बनाएगी। राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए सचिन ने कहा कि इस यात्रा से केन्द्र सरकार डरी हुई है। महाराष्ट्र में जब यात्रा प्रवेश करेगी तब शरद पंवार और उद्धव ठाकरे भी इसमें शामिल होंगे।
उधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अलवर जिले के खैरथल के दौरे पर थे, वे सचिन पायलट के बयान पर चुप्पी साधे रहे। पायलट की ओर से मुख्यमंत्री गहलोत को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर उन्होंने बिना नाम लिए बस इतना कहा कि इस समय किसी को बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव वेणूगोपाल ने बयानबानी करने को मना किया है और राहुल गांधी पदयात्रा कर रहे हैं, इससे केन्द्र सरकार पर दबाव बनेगा। हम लोग अनुशासन में रहने वाले है।