जयपुर

अगर अभी तक नहीं करवाई है वाहन प्रदूषण की जांच, तो पड़ने वाले है बड़ी मुसीबत में, भारी जुर्माने के साथ भुगतना होगा ये सब

अगर अभी तक नहीं करवाई है वाहन प्रदूषण की जांच, तो पड़ने वाले है बड़ी मुसीबत में, भारी जुर्माने के साथ भुगतना होगा ये सब  
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Jun 16, 2018
puc certificate
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जयपुर।

ऑनलाइन राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केंद्र के तहत वाहनों के लिए बिना किसी जुर्माने के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) लेने की अंतिम तिथि शुक्रवार 15 जून को समाप्त हो गई है। इसी के साथ अब बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के किसी भी सीरीज के वाहन के लिए प्रमाण पत्र जुर्माना लेकर ही जारी हो सकेगा।

वाहनों के लिए बिना किसी जुर्माने के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र लेने की अंतिम तिथि जाने के साथ ही आज से बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों पर जुर्माना लगना शुरू हो जाएगा।

आपको बता दें कि विभाग की तरफ से सभी सीरीज वाले वाहनों के लिए महीनों के अनुसार अंतिम सीमा दी गई थी जो कल शुक्रवार 15 जून को समाप्त हो गई है। वाहन चालकों को पीयूसी प्रमाणपत्र लेने की अंतिम तिथियां 15 फरवरी से 15 जून तक रखी गई थी। यह योजना सबसे पहले जयपुर जिले में ही लागू हुर्इ है। जिलें में करीब 18 लाख वाहन ऑन रोड है, जिनमें से अब तक करीब 11 से 12 लाख वाहनों को ही PUC जारी हो सकी है। अब बिना पीयूसी के दायरे में आ रहे वाहनों का आज से भारी जुर्माना चुकाना पड़ेगा।


वसूली जाएगी जुर्माना राशि, र्इ-मित्र केंद्र पर जमा करानी हाेगी

अगर आपने अभी भी अपने वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र नहीं लिया है ताे अब आपकाे भारी जुर्माना चुकाना हाेगा। अब नियत समय से ऊपर जाकर पीयूसी नहीं लेने पर जुर्माना राशि वसूली जाएगी, जो दुपहिया वाहनों के लिए करीब 500 रुपए और चौपहिया वाहनों के लिए 1000 रुपए होगी। ये राशि र्इ-मित्र केंद्र पर जमा करानी हाेगी। इसकी रसीद लेने के बाद ही प्रदूषण प्रमाण पत्र मिलेगा।


पहले ही बढ़ा दी थी समय सीमा

परिवहन विभाग ने 4 अक्टूबर को राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना- 2017 लॉन्च कर एक माह में पीयूसी लेना अनिवार्य कर दिया था। लेकिन तीन नवम्बर को समय सीमा बीतते वक्त पेट्रोल पम्पों पर बड़ी संख्या में कतारें लग गई और विभागीय सॉफ्टवेयर भी हांफने लगा। हालात देखते हुए समय सीमा को एक के स्थान पर तीन माह किया, जिसकी अंतिम तिथि तीन जनवरी को समाप्त हो गई।

अगले चरण में इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू हाेगी

सबसे पहले प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र की अनिवार्यता जयपुर जिले में शुरू हुर्इ है। जो अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तहत आने वाले अलवर और भरतपुर जिलों में भी लागू की जाएगी।

अगर नहीं है प्रदूषण प्रमाण पत्र तो नहीं होगा वाहनों का बीमा

अगर अब भी आपने प्रदूषण का प्रमाण पत्र नहीं लिया है तो ये आपके लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केन्द्र सरकार ने बिना प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के वाहनों का बीमा नहीं किए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। केन्द्रीय परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव ने आदेश जारी किए हैं कि दस अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बीमा कम्पनी बिना प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र ( पीयूसी) के वाहनों का बीमा नहीं करें। एक तरह से बीमा का नवीनीकरण कराने से पहले वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र लेना पड़ेगा।

Published on:
16 Jun 2018 02:30 am