
PUC certificate being put offline in the DTO Nagaur
जयपुर। अगर आपने अभी भी अपने वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र नहीं लिया है ताे जल्द ले लें। नहीं ताे आपकाे भारी जुर्माना चुकाना हाेगा। परिवहन विभाग ने पीनसी बनाने के लिए सभी श्रेणी के वाहनों की नंबर सीरीज को आधार बनाया है।
सीरीज विशेष के नंबर वाले वाहन चालकों के लिए प्रमाण पत्र लेने की समय सीमा भी तय की है। वाहन चालकों को पीयूसी प्रमाणपत्र लेने की अंतिम तिथियां 15 फरवरी से 15 जून तक रखी गई है। यह योजना सबसे पहले जयपुर जिले में लागू हुर्इ है।
वसूली जाएगी जुर्माना राशि, र्इ-मित्र केंद्र पर जमा करानी हाेगी
नियत समय में पीयूसी नहीं लेने पर जुर्माना राशि वसूली जाएगी, जो दुपहिया वाहनों के लिए करीब 500 रुपए और चौपहिया वाहनों के लिए 1000 रुपए होगी। ये राशि र्इ-मित्र केंद्र पर जमा करानी हाेगी। इसकी रसीद लेने के बाद ही प्रदूषण पमाण पत्र मिलेगा।
सीरीज के नंबराें के आधार पर पीयूसी लेने का फॉर्मूला इजाद करने के लिए पीछे एक बड़ा कारण जांच केन्द्रों की कमी भी रहा। एेसे में विभाग को लग रहा था कि एक साथ सभी वाहनों के लिए अंतिम तिथि देते हैं तो यह संभव नहीं होगा।
इसीलिए नंबराें के आधार पर अलग-अलग अंतिम तिथियां दी हैं। परिवहन विभाग ने 4 अक्टूबर को राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना- 2017 लॉन्च कर एक माह में पीयूसी लेना अनिवार्य कर दिया था।
लेकिन तीन नवम्बर को समय सीमा बीतते वक्त पेट्रोल पम्पों पर बड़ी संख्या में कतारें लग गई और विभागीय सॉफ्टवेयर भी हांफने लगा। हालात देखते हुए समय सीमा को एक के स्थान पर तीन माह किया, जिसकी अंतिम तिथि तीन जनवरी को समाप्त हो गई।
अगले चरण में इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू हाेगी
पहले चरण में जहां पीयूसी की अनिवार्यता जयपुर जिले में हुर्इ है। इसके अगले चरण में इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तहत आने वाले अलवर और भरतपुर जिलों में लागू किया जाएगा। इन जिलों में जांच केन्द्र बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है।
बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहनों की बामा नहीं होगा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केन्द्र सरकार ने बिना प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के वाहनों का बीमा नहीं किए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। केन्द्रीय परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव ने आदेश जारी किए हैं कि दस अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बीमा कम्पनी बिना प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र ( पीयूसी) के वाहनों का बीमा नहीं करें। एक तरह से बीमा का नवीनीकरण कराने से पहले वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र लेना पड़ेगा।
नम्बर सीरीज- अंतिम तिथि
0 से 2000 : 15 फरवरी तक
2001 से 5000 : 15 अप्रेल तक
5001 से 9999 : 15 जून तक
Updated on:
01 Jun 2018 01:40 pm
Published on:
01 Jun 2018 01:18 pm
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