
जयपुर। प्रदेशवासियों को गर्मी एक बार फिर से बेहाल कर सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले चौबीस घंटे में पश्चिमी राजस्थान में फिर से गर्मी के तेवर रहने का अंदेशा जताया है। वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर की तरफ बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के पूर्वोत्तर भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने का भी अनुमान है। जबकि पश्चिम के आधा दर्जन से ज्यादा मैदानी इलाकों में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं है।
मानसूनी हलचलें सुस्त रहने का अनुमान
हालांकि दक्षिण पश्चिमी मानसून मराठवाड़ा के कुछ भाग, विदर्भ, छत्तीसगढ़, बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम के अधिकांश भाग, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय के कुछ इलाकों में सक्रिय हो गया है। अगले 48 घंटे में मानसून ओडिशा, बंगाल की खाड़ी के शेष इलाकों, उत्तर पूर्वी राज्यों और सिक्किम में सक्रिय होने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। लेकिन इसके बाद अगले सप्ताहभर मानसूनी हलचलें सुस्त रहने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है।
राजधानी में रात को बौछारें, दिन में बादलों की आवाजाही
राजधानी के बाशिंदों को देर रात चली तेज रफ्तार हवा के साथ गिरी छितराई बौछारों ने राहत दिलाई। दिन में पारा स्थिर रहा, वहीं रात में पारा दो डिग्री बढऩे पर गर्मी और उमस से लोग पस्त रहे। जयपुर में कई हिस्सों में देर रात हल्की बौछारें गिरने से देर रात मौसम का मिजाज बदला। शहर में आज सुबह करीब 22 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली पश्चिमी हवा के कारण धूप की तपन से थोड़ी राहत मिली। शहर में बीती रात के तापमान में दो डिग्री बढ़ोतरी हुई और पारा 30.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, वहीं आज सुबह नौ बजे अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। शहर में आज सुबह 0.2 मिमी बारिश भी मापी गई है। स्थानीय मौसम केंद्र ने आज शहर में छितराए बादलों की आवाजाही रहने व अधिकतम तापमान में एक-दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने के संकेत दिए हैं।
वहीं बीते चौबीस घंटे में किशनगढ़, रामगंज मंडी, सवाई माधोपुर, अलवर में छितराई बारिश हुई।