
जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान और मध्य प्रदेश में पार्टी के जिन विधायकों का टिकट कटेगा उनसे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सीधे संवाद करेंगे।
संवाद के पीछे असली वजह इनके बागी बन कर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका को कम करना है। सोमवार को भाजपा अध्यक्ष ने अपनी मंशा से दोनों प्रदेशों के प्रभारियों को अवगत करा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में टिकट कटने वाले भाजपा विधायकों के समर्थकों ने जिस तरह से हंगामा किया उसे देखते हुए पार्टी राजस्थान और मध्य प्रदेश में इस तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहती। पार्टी का मानना है कि टिकट देने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया और सभी कार्यकर्ताओं को इसका सम्मान करना चाहिए।
वहीं जिन मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा रहे हैं, उन्हें संवाद में बताया जाएगा कि वे पार्टी के प्रति निष्ठा रखते हैं तो उन्हें जल्दी ही दूसरी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जासकती है। इस प्रस्ताव के बाद भी वे टिकट का मोह नहीं त्याग पा रहे और पार्टी की ही जड़ें खोदेंगे, उन्हें तुरंत बाहर कर देंगे। संवाद के दौरान उन्हें यह भी साफ कर दिया जाएगा कि उम्मीदवारों के चयन में पार्टी ने सर्वेक्षण को ही प्राथमिकता दी है।