राजस्थान में लगातार हो रही भवनों के गिरने की घटनाओं के बाद सरकारी भवनों की गुणवत्ता की जांच के लिए सीएम भजनलाल शर्मा ने बड़ा फैसला किया है। सरकार पिछले छह साल में बने सभी राजकीय भवनों की जांच करवाएगी।
जयपुर: राजस्थान में लगातार सामने आ रही भवनों के ढहने की घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पिछले छह साल में बने सभी सरकारी भवनों की निर्माण गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
बता दें कि इसमें स्कूल, आंगनबाड़ी और अन्य राजकीय भवन शामिल हैं। यदि किसी भवन में निर्माण में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अभियंताओं व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि छह साल के भीतर बने सभी भवनों की सूची तैयार की जाए और एक राज्य स्तरीय विशेष कमेटी गठित कर जांच की जाए। जांच के बाद क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के लिए आपदा प्रबंधन मद से स्वीकृति लेकर कार्य प्रारंभ किया जाए।
सीएम भजनलाल ने ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में बने भवनों के निरीक्षण, रखरखाव और मरम्मत पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए।
बताते चलें, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है। जब हाल ही में प्रदेश के कई हिस्सों में भवन गिरने से जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ है। सरकार इस कदम के जरिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है।