राजस्थान के बांसवाड़ा में सोने की खान के खनन का मामला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट पहुंचने से अटक गया है। जानें पूरा मामला ...
Rajasthan Gold Mine: जयपुर राजस्थान में खान नीलामी के साथ ही खनन शुरू होने की बंधी उम्मीद को फिलहाल ब्रेक लग गया है। हाईकोर्ट से राज्य सरकार को राहत मिली तो अब खान नीलामी का मामला अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण में पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि बांसवाड़ा जिले की पाटील तहसील के भूकिया-जगपुरा में गोल्ड खनन का सर्वे करने वाली ऑस्ट्रेलिया की मेटल माइनिंग कंपनी राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण पहुंच गई है। कंपनी यहां के साथ ही खनन काम लेने के लिए दावेदारी कर रही है जबकि राज्य सरकार इस खान की नीलामी कर चुकी है।
ऑस्ट्रेलिया की मेटल माइनिंग कंपनी ने बांसवाड़ा के जनपुरा-भूकिया में खोज कार्य के साथ ही यहां माइनिंग लेने को लेकर दावेदारी की थी। लेकिन राज्य सरकार की ओर से कंपनी को खान आवंटित नहीं करने पर मेटल माइनिंग वर्ष 2012 में हाईकोर्ट में चली गई थी। पिछले साल 2023 में हाईकोर्ट ने फैसला राज्य सरकार के पक्ष में दिया।
इसके बाद राज्य सरकार ने खान की नीलामी कर दी। ऑनलाइन नीलामी में यह खान मध्य प्रदेश के रतलाम की ओवैस अली फर्म को आवंटित हुई है। भूकिया-जगपुरा क्षेत्र में ही गोल्ड खनन के दौरान 1.74 लाख टन से अधिक कॉपर, 9700 टन से अधिक निकल और 13500 टन से अधिक कोबाल्ट मिलने का आंकलन है।