
जयपुर। राजस्थान में मानसून की सक्रियता के चलते पूर्वी राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, झारखंड के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है, जबकि मानसून ट्रफ लाइन जम्मू, देहरादून से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटों में सवाई माधोपुर के नादोती में सर्वाधिक 120 मिमी (मिलीमीटर) बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के अलवर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम केंद्र ने 25 और 26 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर तथा जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान उदयपुर, अजमेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान में 27 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं। हालांकि, कोटा संभाग के कुछ इलाकों में 27 और 28 अगस्त को भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले एक सप्ताह तक मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान जताया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस दौरान अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। यानी प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में उत्तरी ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के आसपास सक्रिय है। मानसून ट्रफ अमृतसर, निजामाबाद और कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसी सिस्टम के असर से अगले दो-तीन दिन पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।