
Rajasthan Panchayat : जयपुर. राज्य में पंचायतीराज चुनाव का दौर जारी है और गांवों की राजनीति पूरे उफान पर है। सरपंच पद की कुर्सी हथियाने के लिए जहां ज्यादातर ग्राम पंचायतों में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है और एक-एक सीट पर 10 से 12 प्रत्याशी तक ताल ठोक रहे हैं, वहीं राज्य के कुछ ग्राम पंचायतों ने इस सियासी गहमागहमी के बीच एकता और आपसी सहमति की एक ऐसी नजीर पेश की है, जिसने दिग्गजों को भी चौंका दिया है। चुनावी प्रतिद्वंद्विता, गुटबाजी और कड़वाहट को दरकिनार करते हुए कई ग्राम पंचायतों ने पूरे गांव की रजामंदी से ‘निर्विरोध’ सरपंच चुनकर लोकतंत्र को एक नया रूप दिया है।
इस कड़ी में कोटा जिले की लाडपुरा पंचायत समिति की नवसृजित ग्राम पंचायत गिरधरपुरा ने इतिहास रच दिया है, जहां सरपंच पद पर भूरीबाई के साथ-साथ सभी वार्ड पंच भी पूरी तरह से निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। पूरे गांव ने बिना किसी चुनावी कड़वाहट के सर्वसम्मति से अपने गांव की सरकार चुन ली।
कोटा जिले की कुंदनपुर ग्राम पंचायत में 9 वार्ड में से तीन वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए। कोटा जिले की विनायका ग्राम पंचायत में सात वार्ड हैं। सभी वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए। कोटा जिले की ही पीपल्दा ग्राम पंचायत में 9 वार्ड है। इनमें 2 वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए।
डूंगरपुर जिले की भंडारी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रामसौर जूना में 2191 मतदाता हैं। यहां भी सरपंच का चुनाव निर्विरोध हो गया है। जयंतीलाल डामोर को सरपंच चुना गया।
भीलवाड़ा जिले की करेड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत में 7,158 मतदाता हैं। इसमें भी लक्ष्मी कुमारी सरपंच निर्विरोध चुनी गई।
बाड़मेर जिले में 419 ग्राम पंचायतों में प्रथम चरण के तहत चुनाव होने हैं। सरपंच-पंच के लिए शुक्रवार को नामांकन हुए हैं। बाड़मेर जिले में करीब 58 सरपंच निर्विरोध चुने गए हैं।
भीखी देवी लगातार 7वीं बार निर्विरोध सरपंच चुनी गईं। बाड़मेर के बायतु पंचायत समिति के वीरेंद्र नगर ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने एकमत होकर यह बड़ा फैसला लिया है। भीखी देवी कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी की पत्नी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भीखी देवी गांव के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं, गांव में कई नवाचार के काम किए हैं। भीखी देवी के काम की वजह से ही ग्रामीणों का उन पर भरोसा है।
बायतु पंचायत समिति की बायतु भीमजी ग्राम पंचायत में भीखीदेवी लगातार 5 बार सरपंच रहीं। नई ग्राम पंचायत वीरेन्द्रनगर अलग हुई तो भीखीदेवी 2020 में भी निर्विरोध चुनी गईं। नई ग्राम पंचायत भी पूर्व विधायक हेमाराम के दिवंगत पुत्र वीरेन्द्र के नाम बनी है, जिसकी भीखीदेवी (मां) फिर सरपंच चुनी गई हैं।