
Rajasthan : जयपुर. चेहरे पर क्या लगाया जाए, अब यह सवाल सिर्फ रंगत और चमक तक सीमित नहीं रहा। जयपुर में ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदते समय ग्राहक उनकी सामग्री, प्राकृतिक आधार और त्वचा पर असर को भी तवज्जो देने लगे हैं। नीम, हल्दी, गुलाब, चंदन और एलोवेरा जैसे घटकों वाले उत्पादों की ओर बढ़ते रुझान ने बाजार की पसंद बदल दी है।
आइएमएआरसी की 2025 रिपोर्ट के अनुसार जयपुर में हर्बल स्किनकेयर उत्पादों की बिक्री में 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इस बढ़ते बाजार का सबसे बड़ा फायदा जयपुर को मिला है। आंकड़ों के अनुसार हर्बल कॉस्मेटिक्स से जुड़े कारोबार में जयपुर में करीब 20 हजार रोजगार सृजित हुए हैं। पूरे राजस्थान के 50 हजार रोजगार में 60 फीसदी महिलाएं और 40 फीसदी पुरुष हैं। खास बात यह है कि 18 से 35 वर्ष की उम्र के युवा इस कार्यबल का करीब 70 फीसदी हिस्सा है। यानी हर्बल कॉस्मेटिक्स अब सिर्फ सौदर्य उत्पादों का बाजार ही नहीं, बल्कि युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का नया क्षेत्र भी बन रहा है।
बदलाव सिर्फ खुदरा खरीदारी में नहीं है। सैलूनों में ऑर्गेनिक ट्रीटमेंट्स की मांग भी बढ़ी है। नीम, हल्दी, चंदन और गुलाब आधारित उत्पादों की मांग इस बदलाव का हिस्सा है। ग्राहक अब केवल तत्काल असर वाले उपचार के बजाय त्वचा और बालों की जरूरत के हिसाब से उत्पाद चुनने लगे हैं। इससे सैलून, ब्यूटी प्रोफेशनल्स और छोटे उत्पाद निर्माताओं के लिए भी नया बाजार तैयार हुआ है।
शहरवार बाजार में भी जयपुर सबसे आगे दिखाई देता है। रिपोर्ट के अनुसार जयपुर में हर्बल स्किनकेयर उत्पादों की बिक्री में 40 फीसदी वृद्धि दर्ज हुई, जबकि उदयपुर में 35, जोधपुर में 30, कोटा में 25 और अजमेर में 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई। जयपुर में हल्दी-गुलाब फेस पैक जैसे त्वचा देखभाल उत्पादों की मांग के साथ हर्बल फेसवॉश, क्रीम और अन्य त्वचा उत्पादों का बाजार भी फैल रहा है।
लोगों में नेचुरल प्रोडक्ट्स को लेकर जागरूकता पहले की तुलना में बढ़ी है। महिलाओं के साथ टीनएजर्स और युवाओं की रुचि भी हर्बल प्रोडक्ट्स में बढ़ रही है। हालांकि, नेचुरल होने का मतलब यह नहीं कि कोई प्रोडक्ट हर स्किन और हेयर टाइप के लिए सही हो। इसलिए जरूरत के अनुसार सही प्रोडक्ट चुनना और इंग्रेडिएंट्स की जानकारी रखना जरूरी है।
मोनिका गुप्ता, शोध छात्रा हर्बल उत्पाद
वर्ष - कारोबार - निर्यात - रोजगार - महिला स्टार्ट-अप्स -मांग
(करोड़)(करोड़) (फीसदी)(फीसदी)
2020 450 180 25,000 22 25
2021 550 220 30,000 25 30
2022 650 260 40,000 30 35
2023 700 280 45,000 33 38
2024 800 320 50,000 35 40
स्रोत: आईएमएआरसी रिपोर्ट 2025