
Rajasthan Transfer Update : राजस्थान में तबादला सूची जारी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई। संगठन की अनुशंसाओं के अनुरूप तबादले नहीं होने और अंतिम सूची से कई नाम हटाए जाने की शिकायतों के बीच सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। बढ़ती नाराजगी को देखते हुए संगठन को भी सक्रिय होना पड़ा। सूत्रों के अनुसार प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को प्रदेश कार्यालय बुलाकर करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की।
इस दौरान संगठन की ओर से भेजी गई अनुशंसाओं की अनदेखी और जरूरतमंद कार्यकर्ताओं के नामों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई गई। मंत्रियों ने सफाई देते हुए कहा कि अंतिम स्तर पर कई बदलाव अधिकारियों के स्तर पर हुए हैं। वहीं राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से भी फोन पर चर्चा कर फीडबैक लिया गया। हालांकि, मंत्रियों ने इस मुलाकात को नियमित संगठनात्मक चर्चा बताया।
तबादलों को लेकर सामने आई नाराजगी के बाद भाजपा संगठन फीडबैक लेने में जुट गया। विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और जिलों से मिली शिकायतों को देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि असंतोष को जल्द दूर किया जाए, ताकि इसका असर संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर नहीं पड़े।
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कक्ष के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और अन्य लोग जुट गए। भीड़ बढ़ने पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंदर का गेट बंद कर दिया गया और बाहर से ही मिलने की व्यवस्था की गई। इससे नाराज कुछ कार्यकर्ताओं ने गार्ड से गेट खुलवाने की कोशिश की। इस दौरान खींचतान भी हुई। बाद में सभी को हॉल में बैठाया गया, जहां राठौड़ ने उनकी शिकायतें और नाराजगी सुनी।
प्रदेश में तबादलों को लेकर शिकायतों के बाद सीएमओ ने मंत्रियों से जनप्रतिनिधियों की अनुशंसाओं का ब्योरा मांगा है। सूत्रों के अनुसार, कई विधायकों और सांसदों की नाराजगी के बाद मंत्रियों से पूछा गया है कि किस जनप्रतिनिधि ने किस अधिकारी या कर्मचारी के तबादले की सिफारिश की और उस पर क्या निर्णय हुआ। इसका उद्देश्य तबादला प्रक्रिया को लेकर मिले राजनीतिक फीडबैक का आकलन और विभागवार फैसलों की समीक्षा करना है।