
जयपुर।
राजस्थान विधानसभा में आज सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। सत्र का पहला ही प्रश्न मुख्यमंत्री के महकमें से जुड़ा रहा, लिहाज़ा विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने प्रदेश में बलात्कार के दर्ज मामलों से जुड़ा सवाल किया। उन्होंने जानना चाहा कि 1 जनवरी 2019 से लेकर जनवरी 2022 तक बलात्कार के कितने मामले दर्ज हुए हैं?
नेता प्रतिपक्ष के सवाल का जवाब गृह मंत्री मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने दिया। धारीवाल ने आंकड़े प्रस्तुत करने के साथ ही बढ़ते बलात्कार मामलों की वजह भी सदन को बताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लीलता परोसी जा रही है, जिसकी वजह से भी बलात्कार जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों के प्रति गंभीर है और इन्हें रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार के जवाब पर कटारिया ने कहा कि बलात्कार के कई मामलों में पुलिस चालान ही पेश नहीं कर पाती है। ऐसे में अपराधी को सजा नहीं मिल पाती। इसपर धारीवाल ने जवाब देते हुए कहा कि पुलिस के पास कई बार कई तरह की दिक्कतें आती हैं। कभी कोर्ट का स्टे आ जाता है, तो कभी एफएसएल रिपोर्ट समय पर नहीं आ पाती है।लेकिन कई ऐसे मामले भी है, जिनमे बहुत जल्दी ही चालान होकर सजा भी हुई है।
गौरतलब है कि रेप से जुड़ा सवाल पूछने वाले गुलाब चंद कटारिया और जवाब देने वाले शान्ति कुमार धारीवाल, दोनों ही पूर्व में प्रदेश के गृह मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल राज्य में ये महकमा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास है।