Public Welfare: अब तक 300 किलोमीटर से अधिक ग्रेवल रोड और 20 किलोमीटर से अधिक सीसी रोड का निर्माण कराया जा चुका है। यह अभियान न केवल आवागमन की बाधाओं को दूर कर रहा है, बल्कि ग्रामीण जीवन में नई गति और भरोसे का संचार भी कर रहा है।
Rasta Kholo Abhiyan: जयपुर. जयपुर जिले में संचालित ‘रास्ता खोलो अभियान’ अब ग्रामीणों और किसानों के लिए राहत का पर्याय बन गया है। प्रशासन की संवेदनशील पहल से महज 14 महीनों से भी कम समय में जिले में वर्षों से बंद पड़े 1,508 रास्ते खुलवाए गए हैं, जिससे लाखों ग्रामीणों की खेतों, ढाणियों और गांवों तक पहुंच सुगम हुई है। इससे न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि कृषि कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर हुई है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी स्वयं निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनकी पहल पर प्रशासन संवाद, सहमति और समझाइश के माध्यम से वर्षों पुराने विवादों का समाधान कर रहा है। अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर आशीष कुमार ने बताया कि प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह न्यूनतम तीन रास्ते खुलवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे अभियान को निरंतर गति मिल रही है।
आंकड़ों के अनुसार फागी तहसील सर्वाधिक 136 रास्ते खुलवाकर प्रथम स्थान पर रही है, जबकि मौजमाबाद में 120, आंधी में 101, चौमूं में 91, शाहपुरा में 86, आमेर व जमवारामगढ़ में 80-80 तथा फुलेरा में 81 रास्ते खोले गए हैं। इसके अलावा चाकसू में 82, दूदू में 78, माधोराजपुरा में 76, जोबनेर में 74, रामपुरा-डाबड़ी में 72, बस्सी में 77, किशनगढ़-रेनवाल में 65, कोटखावदा में 63, जालसू में 57, तूंगा में 50, सांगानेर में 27, कालवाड़ में 8 तथा जयपुर तहसील में 4 रास्ते पुनः सुचारु किए गए हैं।
रास्ते खुलने के साथ ही सड़क निर्माण कार्य भी तेजी से हो रहा है। अब तक 300 किलोमीटर से अधिक ग्रेवल रोड और 20 किलोमीटर से अधिक सीसी रोड का निर्माण कराया जा चुका है। यह अभियान न केवल आवागमन की बाधाओं को दूर कर रहा है, बल्कि ग्रामीण जीवन में नई गति और भरोसे का संचार भी कर रहा है।