
जयपुर के चाकसू में पिछले 9 दिनों से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। मामला स्थानीय महिला सेवा सहकारी समिति से जुड़ा है जो करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय गबन और घोटाले के आरोपों को लेकर कटघरे में है। इसी सिलसिले में पीड़ित जमाकर्ताओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चाकसू के पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पिछले 9 दिन से लगातार आमरण अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे थे। लेकिन शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पूर्व सीएम सचिन पायलट ने चाकसू स्थित धरना स्थल पहुंचे और पीड़ितों की बात सुनी। उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों से मौके पर ही बात की। इसके बाद पायलट ने सोलंकी को अपने हाथों से जूस पिलाकर उनका 9 दिन लंबा अनशन आधिकारिक रूप से समाप्त करवाया।
इस घटनाक्रम के बाद चाकसू के उन
सैकड़ों ग्रामीण परिवारों और छोटे निवेशकों के बीच अपना फंसा हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद जाग गई, जो कई महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।
गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की गाढ़ी कमाई डूबने से बचाने के लिए चल रहे इस आंदोलन में प्रशासनिक अमले को आखिरकार झुकना पड़ा।
3 महीने में जांच पूरी करने का वादा: धरना स्थल पर पहुंचे सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया है कि दोषी महिला सहकारी समिति के खिलाफ चल रही वित्तीय गबन की विस्तृत जांच को आगामी 3 माह के भीतर पूरी तरह मुकम्मल कर लिया जाएगा।
शीघ्र भुगतान की प्रक्रिया: अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जांच प्रक्रिया पूरी होते ही सभी प्रभावित जमाकर्ताओं और निवेशकों का फंसा हुआ पैसा शीघ्र भुगतान के जरिए उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसी ठोस आश्वासन के बाद ही सोलंकी ने अपना अनशन खत्म करने का फैसला किया।
यह पूरा मामला चाकसू की स्थानीय महिला सेवा सहकारी समिति से जुड़ा हुआ है, जहां क्षेत्र की सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने अपनी भविष्य की बचत के पैसे जमा किए थे।
पिछले काफी समय से समिति प्रबंधन द्वारा जमाकर्ताओं को उनकी मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद करोड़ों रुपये के गबन की बात सामने आई।
स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से नाराज होकर पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने पीड़ितों के हक के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे, सोलंकी के स्वास्थ्य को लेकर भी उनके समर्थकों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही थीं।
सचिन पायलट ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि कोऑपरेटिव सोसायटियों में गरीब जनता का पैसा बेहद खून-पसीने की कमाई का होता है और किसी को भी इसे हड़पने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
उन्होंने साफ किया कि यदि 3 महीने की तय समय-सीमा के भीतर दोषियों को सजा और जमाकर्ताओं को उनका पूरा पैसा वापस नहीं मिला, तो इस लोकतांत्रिक आंदोलन को जयपुर स्तर पर और अधिक उग्र रूप से शुरू किया जाएगा।
पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने अनशन टूटने के बाद सचिन पायलट और क्षेत्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि यह जीत चाकसू के उन संघर्षशील पीड़ितों की है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।
मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि 9 दिन से चल रहा यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करवाने में सफलता मिली है।