
Jaipur Treasure: पुलिस जांच में जुटी (फोटो-एआई जेनरेटेड)
जयपुर। राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में स्थित एक पुश्तैनी हवेली को लेकर ऐसा दावा सामने आया है, जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता इलाके में एक पुरानी हवेली को तोड़कर नया निर्माण कराने के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य का कथित खजाना मिलने और उसे ठिकाने लगाने का आरोप लगाया गया है। मामले में हवेली के मालिक ने माणक चौक थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
शिकायत में दावा किया गया है कि खुदाई के दौरान चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे कलश और हजारों पुराने चांदी के सिक्के मिले, जिन्हें ठेकेदार और उसके साथियों ने मालिक को बताए बिना आपस में बांट लिया। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और खजाना मिलने के दावे की भी पुष्टि की जा रही है।
एफआईआर के अनुसार गांधी नगर निवासी राहुल सेठी ने बताया कि त्रिपोलिया बाजार स्थित भवन संख्या 630 उनकी पुश्तैनी संपत्ति है। पुराने भवन को हटाकर नया निर्माण कराने के लिए डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से अनुबंध किया गया था। भवन तोड़ने का काम ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि काम शुरू होने से पहले ही ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि यदि खुदाई या तोड़फोड़ के दौरान कोई कीमती वस्तु या पुरानी संपत्ति मिले तो उसे परिवार को सौंपा जाएगा।
राहुल सेठी का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान करीब 40 से 45 किलो वजन की 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14 से 15 कलश, 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं मिलीं। आरोप है कि ठेकेदार महेश मल्होत्रा ने अपने सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा के साथ मिलकर इस कथित खजाने को छिपा लिया और आपस में बांट लिया।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि घटना की जानकारी उन्हें बाद में निर्माण कार्य से जुड़े एक व्यक्ति के जरिए मिली। इसके बाद उनके हाथ दो वीडियो लगे, जिनमें कथित तौर पर खजाना मिलने और उसके बंटवारे का जिक्र किया गया है। राहुल सेठी ने ये दोनों वीडियो पेन ड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस को सौंप दिए हैं और इन्हें अहम साक्ष्य बताया है।
जयपुर के माणक चौक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने के साथ ही शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान ठेकेदार और अन्य नामजद लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
उधर, जिस स्थान पर यह पूरा मामला सामने आया है, वह जयपुर के सबसे पुराने इलाकों में शामिल है। स्थानीय लोगों के बीच भी लंबे समय से चर्चा रही है कि यह हवेली कभी एक समृद्ध व्यापारी परिवार की थी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक यह प्रमाणित नहीं हुआ है कि खुदाई के दौरान वास्तव में कोई खजाना मिला था। ऐसे में शिकायत, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी। फिलहाल यह मामला राजधानी में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Updated on:
18 Jul 2026, 7:49 PM IST
Published on:
18 Jul 2026, 7:34 PM IST
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