यह संस्था भारतीय संस्कृति, धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित है। यह संस्था भारतीय संस्कृति और धर्म की रक्षा करना और उसके प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत रहती है। साथ ही देश की सुरक्षा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। गोमाता की सुरक्षा और संरक्षण के लिए गोशाला का निर्माण और संचालन करती है।
जयपुर। लंका जाने के लिए जिस पुल का निर्माण भगवान राम ने किया, उसमें सभी ने अपनी क्षमता तथा श्रद्धा से योगदान दिया। इसमें एक गिलहरी भी थी। इसी प्रकार का योगदान गायिका इशिता विश्वकर्मा ने हनुमान चालीसा का संगीतमय पाठ कर भक्ति का रास्ता दिखाया है।
श्री बजरंग सेना संगीत लेबल की ओर से जारी इस संगीतमय पाठ पर श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा ने बताया कि नई पीढी हो या बड़े-बुजुर्ग सभी लोग भक्ति संगीत से जोड़े जा सकते हैं। संस्कृति में संगीत माता सरस्वती का रूप है। हम हिन्दुत्व तथा राष्ट्रभक्ति की अलख जगाने के लिए माता सरस्वती का आशीर्वाद ले रहे हैं।
हितेश विश्वकर्मा ने राष्ट्रव्यापी श्री बजरंग सेना की स्थापना की थी। उन्होंने शिक्षा भगवान गौत्तम बुद्ध इंटर कॉलेज से प्राप्त की। हितेश ने दिल्ली के जंतर -मंतर में राम मंदिर के निर्माण के लिए अनशन किया और 21 मई को अयोध्या पहुंचकर भूमि पूजन में भी हिस्सा लिया। वे केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को समाज के लोगों तक पहुंचाने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि श्री बजरंग सेना की स्थापना 6 अप्रेल 2019 को की गई। यह संस्था भारतीय संस्कृति, धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित है। यह संस्था भारतीय संस्कृति और धर्म की रक्षा करना और उसके प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत रहती है। साथ ही देश की सुरक्षा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। गोमाता की सुरक्षा और संरक्षण के लिए गोशाला का निर्माण और संचालन करती है। धार्मिक संतों, साधुओं और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के साथ विश्व में भारतीय संस्कृति की अलख जगाना और उसके प्रति जागरूकता फैला रही है। देश के गांव-गांव तक हिन्दुत्व का प्रचार करते हुए धर्म सभाओं के माध्यम से जन जागृति कर रही है। जातिवाद और सम्प्रदायवाद को छोड़कर धर्म को मजबूती प्रदान करती है। साथ ही संस्कृत पाठशाला और स्कूलों की स्थापना और संचालन करती है।