
Kailash Mansarovar Yatra 2026 Online Registration: पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की गई है। विदेश मंत्रालय की ओर से संचालित इस धार्मिक यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस वर्ष यात्रा का पहला जत्था आगामी 4 जुलाई को प्रस्थान करेगा। कुल मिलाकर लगभग 1000 श्रद्धालुओं को इस पवित्र स्थल की यात्रा का अवसर मिलने की संभावना है। यात्रा का आयोजन जून से अगस्त 2026 के बीच किया जाएगा।
इस बार यात्रा दो प्रमुख मार्गों से संचालित होगी। उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथूला मार्ग से श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर तक पहुंचेंगे। दोनों मार्गों से कुल 20 जत्थों का संचालन किया जाएगा। इनमें 10 जत्थे उत्तराखंड मार्ग से और 10 जत्थे सिक्किम मार्ग से भेजे जाएंगे। प्रत्येक जत्थे में 50-50 श्रद्धालु शामिल होंगे। इस प्रकार दोनों मार्गों से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यात्रा का लाभ उठा सकेंगे।
उत्तराखंड मार्ग से जाने वाले यात्री लिपुलेख दर्रे को पार करते हुए मानसरोवर तक पहुंचेंगे, जबकि सिक्किम मार्ग से नाथूला होते हुए यात्रा पूरी की जाएगी। इस बार राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के चयन की संभावना है। जानकारी के अनुसार जयपुर से लगभग 10 और पूरे राजस्थान से 25 से अधिक श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं।
राजस्थान सरकार की ओर से श्रद्धालुओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा चयनित यात्रियों को 1 लाख रुपए तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। ये सुविधा केवल राजस्थान के निवासियों के लिए लागू होगी और गैर-करदाता यात्रियों को भी पात्रता के आधार पर इसका लाभ मिल सकता है। यह अनुदान यात्रा पूर्ण करने के बाद आवेदन करने पर दिया जाएगा।
चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और विदेश मंत्रालय द्वारा कंप्यूटरीकृत ड्रॉ के माध्यम से यात्रियों का चयन किया जाएगा। चयनित यात्रियों को दिल्ली में आईटीबीपी और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कठोर स्वास्थ्य परीक्षण से गुजरना होगा। स्वास्थ्य मानकों पर खरा उतरना अनिवार्य होगा, तभी अंतिम चयन मान्य माना जाएगा।
ऑनलाइन पंजीयन के लिए भारतीय पासपोर्ट, व्यक्तिगत जानकारी और एक पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य है। श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर 94250-86007 भी जारी किया गया है, जहां से अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
यात्रा के लिए आयु सीमा 18 से 70 वर्ष निर्धारित की गई है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, क्योंकि यह पवित्र यात्रा हर किसी को जीवन में एक बार ही अवसर के रूप में मिलती है।