जयपुर

सुरेश प्रभु ने कहा, 23 लाख खातों में पौने 4 लाख करोड़ हो सकता है ब्लैकमनी

केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि देश में नोटबंदी के बाद 23.22 लाख खाते संदिग्ध लेनदेन के लिए चिन्हित किए गए हैं।
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Updated: 8 Nov 2017, 5:00 PM IST
suresh prabhu

जयपुर।

केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि देश में नोटबंदी के बाद 23.22 लाख खाते संदिग्ध लेनदेन के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें 3.68 लाख करोड़ रुपए जमा हैं। इनकी केन्द्र सरकार पड़ताल करा रही है। माना जा रहा है कि यह ब्लैकमनी हो सकती है। इसके अलावा साढ़े 7 लाख जाली नोट पकड़े गए हैं। नोटबंदी के बाद देश में बदले आर्थिक हालात में रोजगार कितने दिए गए, इसका तो प्रभु जवाब ही नहीं दे सके।

प्रभु बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में नोटबंदी को एक साल पूरा होने के मौके पर मीडिया से वार्ता कर रहे थे। भाजपा इस दिवस के को कालेधन के खिलाफ कार्रवाई के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि कालेधन के खिलाफ कार्रवाई में अभी समय लगेगा। केन्द्र सरकार ने इसको लेकर टास्कफोर्स गठित की हुई है, जो इस पर तेजी से काम कर रही है।

केन्द्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद से ही कालेधन के खिलाफ कार्रवाई करना शुरू कर दिया गया था। कांग्रेस मनी लोड्रिंग का कानून लेकर आई, लेकिन नोटिफिकेशन तक जारी नहीं कर सकी। भाजपा सरकार ने इसमें सुधार कर नोटिफिकेशन जारी किया। मोदी सरकार बनने के समय देश के आर्थिक हालात ठीक नहीं है। तमाम कारणों को देेखते हुए नोटबंदी का निर्णय किया गया था। अब बदलाव आने में थोड़ा समय लगेगा।

नोटबंदी के बाद बैंकों में 15.28 लाख करोड़ रुपए जमा हुए। जो लोगों की तिजोरी व घरों में पड़ा था। वह बैंक में आया, तो आने वाले समय में बैंकों के ब्याज दर में कमी आएगी। पैसे प्रचलन में आने से अर्थ व्यवस्था में भी सुधार होगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नोटबंदी का ही असर है कि आयकर देने वालों की संख्या में 56 लाख की बढ़ोतरी हुई है। ३ लाख के आसपास शैल कंपनियों को बंद किया गया है। इनमें एक ऐसी भी शैल कंपनी है, जो चल नहीं रही थी, लेकिन उसके 2 हजार बैंक खातों में लेनदेन चल रहा था। म्यूचल फण्ड में भी ज्यादा पैसा आ रहा है।

कालेधन के खिलाफ नोटबंदी के इस फैसले को आमजनता समर्थन मिला। लोगों को लाइनों में लगना पड़ा लेकिन सरकार के साथ रहे। जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के लिए उपयोग लिए जा रहे कालेधन पर विराम लगा है। वहां 75 फीसदी पत्थरबाजी की घटनाएं कम हुई हैं। देश में नक्सलवाद की घटनाओं में भी 20 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है। उन्होंने कहा कि आज किसानों को पर्यावरणीय बदलाव के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जो कालाधन वापस आ रहा है, उसका उपयोग किसान, शिक्षा, पर्यावरण सहित अन्य विकास के कामों में ही होगा। अब आगे कालेधन का इकठ्ठा नहीं किया जा सके, इस पर भी कार्रवाई चल रही है। कई लोगों की संपत्तियां अटैच की गई हैं।

प्रभु पहले रेेल मंत्री रहे और अभी वाणिज्य मंत्री हैं, लेकिन उनके दिलो दिमाग में अब भी रेल मंत्रालय ही है। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने रेलवे का कई बार नाम लिया। रेलवे में इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर कहा कि 70 साल में रेलवे में 4 लाख करोड़ खखर्च हुए और भाजपा सरकार ने तीन साल में 3.75 लाख करोड़ खर्च किए हैं। इसके अलावा भी एक बार वे बोलना कुछ और चाह रहे थे, लेकिन रेलवे निकला, बाद में उसमें सुधार किया।

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