माघ शुक्ल सप्तमी पर सोमवार को सूर्य सप्तमी मनाई गई। Surya Saptami शहर के सूर्य मंदिरों में भगवान सूर्य की विशेष पूजा-अर्चना की गई। गलता घाटी स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर में सुबह सूर्यदेव का लाल चंदन, दूध और पंचामृत से अभिषेक कर नई पीतांबरी पोशाक धारण कराई गई। इसके बाद सूर्य भगवान की रथ यात्रा निकाली गई। जगह—जगह लोगों ने रथ यात्रा का स्वागत किया। Surya Namaskar सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया।
सूर्यदेव की हुई विशेष आराधना, पूजा—अर्चना
— सूर्य सप्तमी मनाई, लवाजमे के साथ निकली रथ यात्रा
— जगह—जगह सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन हुए
जयपुर। माघ शुक्ल सप्तमी पर सोमवार को सूर्य सप्तमी मनाई गई। Surya Saptami शहर के सूर्य मंदिरों में भगवान सूर्य की विशेष पूजा-अर्चना की गई। गलता घाटी स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर में सुबह सूर्यदेव का लाल चंदन, दूध और पंचामृत से अभिषेक कर नई पीतांबरी पोशाक धारण कराई गई। इसके बाद सूर्य भगवान की रथ यात्रा निकाली गई। जगह—जगह लोगों ने रथ यात्रा का स्वागत किया। वहीं गलता पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य सहित अन्य संत—महंतों ने आरती की। Surya Namaskar सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कुछ उद्यानों में सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम हुए।
गलता घाटी स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर से भगवान सूर्यदेव की रथ यात्रा बैंड बाजे व लवाजमे के साथ निकली, जो गलता गेट, सूरजपोल बाजार, रामगंज बाजार, बड़ी चौपड होते हुए छोटी चौपड़ पहुंची, यहां सूर्य भगवान की गलता पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य, महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम भारती सहित अन्य संत—महंतों ने आरती उतारी। इसके बाद यात्रा वापस इन्हीं मार्गों से होते हुए सूर्य मंदिर पहुंची।
वहीं, जलेब चौक स्थित सूर्यदेव मंदिर में सप्त अश्व पर विराजित सूर्यदेव भगवान के विशेष झांकी सजाई गई। इस मौके पर बंगाल समाज महिला मंडल की ओर से भक्ति संगीत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पं. विष्णु दत्त शर्मा सहित अन्य भक्त मौजूद रहे। क्रीड़ा भारती की ओर से सूर्य रथ सप्तमी पर शरीर को स्वस्थ रखने एवं योग के प्रति जागरूकता के लिए सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।