जयपुर

Ramzan : रहमत और बरकतों का माह-ए-रमजान शुरू, खुदा की इबादत में रहेंगे मशगुल

रहमत और बरकतों का माह-ए-रमजान रविवार से शुरू हो गया है। मुस्लिम धर्मावलंबी एक माह तक खुदा की इबादत में मशगूल रहेंगे।

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Mar 02, 2025
Ramzan

जयपुर. रहमत और बरकतों का माह-ए-रमजान रविवार से शुरू हो गया है। मुस्लिम धर्मावलंबी एक माह तक खुदा की इबादत में मशगूल रहेंगे। इस दौरान वे रोजा रखेंगे। आज पहला रोजा रखा जा रहा है। रमजान माह के लिए शनिवार को बाजारों में खासी चहल पहल रही। रमजान के दौरान सहरी और इफ्तारी की अहमियत को देखते हुए बाजारों में खास तरह की रौनक देखी गई । रामगंज, घाट गेट सहित छोटे-बड़े बाजार गुलजार रहे।

सेवई की विशेष डिमांड

रमजान में खासतौर पर मिठाइयों और सेवइयों के लिए खोवा (मावा) का उपयोग अधिक होता है। इस वजह से खोवा की मांग बढ़ गई है। दुकानदार रमजान के लिए विशेष तैयारियां कर रहे हैं। ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अधिक मात्रा में स्टाक रख रहे हैं। फेनी, सेवईं आदि की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक रमजान के दौरान सेवई की विशेष मांग रहती है। बाजारों में कई तरह की सेवईं बिक रही हैं, जिन्हें खरीदने के लिए लोगों की भीड़उमड़ रही है।

बाजार में कई तरह की सेवईं।

सूखे मेवों की मांग हुई तेज

बादाम, पिस्ता, अखरोट, काजू, खजूर और अन्य सूखे मेवों की बिक्री भी तेज हो गई है। रमजान के मौके पर बाजारों में ड्राई फ्रूट के दामों में बढ़ोतरी नहीं है। बादाम के दाम 850 से 900, काजू 1000-1100, छोहारा 300-400 रुपए प्रति किलो है। किशमिश के दाम 350 से 500 रुपये प्रति किलो बिक रही है। साथ ही रोजे और इफ्तारी के लिए अधिकांश लोगों ने पापड़, खजूर, चना, बेसन, खजला, खोवा व दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ी है।

फलों की बिक्री बढ़ी

इफ्तारी के समय खजूर खाया जाता है। इसलिए खजूर की मांग अधिक बढ़ी हुई है। ईरानी, अरब और अन्य प्रकार के खजूर बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें खरीदने के लिए ग्राहक बड़ी संख्या में आ रहे हैं। इसके अलावा फलों की भी बिक्री बढ़ी है, क्योंकि इफ्तार के दौरान लोग फलों का सेवन अधिक करते हैं। फल के थोक विक्रेता के अनुसार रमजान में फलों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में पहले से ही आर्डर दिया जा चुका है।

Published on:
02 Mar 2025 02:05 pm
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