
करौली. बृज संस्कृति से सराबोर करौली में सावनी तीज पर शनिवार को भगवान मदनमोहनजी मंदिर में झूला झांकी सजाई गई। चांदी के बड़े झूले में विराजमान भगवान के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। पट खुलते ही मंदिर परिसर बंशीवारे के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
झूला झांकी के दर्शनों के लिए करौली जिले के विभिन्न गांव-कस्बों के साथ धौलपुर, सवाईमाधोपुर और दौसा जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कई श्रद्धालु कनकदण्डवत करते हुए मंदिर पहुंचे। सुबह से बढ़ती भीड़ के कारण मंदिर परिसर और आसपास के बाजारों में चहल-पहल बनी रही। करीब 10 बजे झांकी के दर्शन शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। भगवान की झलक पाने को आतुर श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। मंदिर परिसर में लगातार जयकारे गूंजते रहे। शाम को भी झूला झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन बारिश होने से अपेक्षाकृत भीड़ कम रही।
मदनमोहनजी मंदिर के अलावा शहर के नवलबिहारीजी, गोविन्ददेवजी, राधागोपालजी और कल्याणरायजी मंदिरों में भी भगवान की झूला झांकी सजाई गई। यहां भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। भीड़ को देखते हुए शहर के मुख्य दरवाजों, बाजारों और मंदिर परिसर में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। उल्लेखनीय है कि मदनमोहनजी मंदिर में वर्ष में दो बार भगवान की झूला झांकी सजाई जाती है। सावनी तीज और धुलंडी पर्व पर चांदी के बड़े झूले में भगवान के विग्रह को विराजमान कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाते हैं। झूला झांकी के दर्शनों के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु करौली पहुंचते हैं।
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करौली. सावनी तीज के अवसर पर भगवान मदनमोहनजी के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु।