17 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, सरकारी नौकरी के लिए छोटे भाई को बनाया डमी कैंडिडेट, 6 साल बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Rajasthan Police Constable Exam Fraud: राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2020 में अपनी जगह सगे छोटे भाई को डमी अभ्यर्थी बनाकर परीक्षा दिलाने वाले 5 हजार रुपए के इनामी सोनू यादव को पुलिस ने दबोच लिया।
2 min read
Google source verification
Rajasthan Police Constable Exam Fraud

सोडाला थाना पुलिस ने डमी अभ्यर्थी पकड़ा। फोटो: पत्रिका

जयपुर। सरकारी नौकरी पाने की लालसा में पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी को सोडाला थाना पुलिस ने पकड़ लिया। राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2020 में अपनी जगह सगे छोटे भाई को डमी अभ्यर्थी बनाकर परीक्षा दिलाने वाले 5 हजार रुपए के इनामी सोनू यादव को पुलिस ने दबोच लिया। मामले में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाला उसका भाई मनोज कुमार यादव पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। मनोज वारदात के समय भिवाड़ी पुलिस में कांस्टेबल था और वर्तमान में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत है।

परीक्षा में भाई को बनाया था डमी अभ्यर्थी

डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी सोनू यादव (33) नीमराणा कोटपुतली बहरोड़ का रहने वाला है। पुलिस मुख्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रभारी भर्ती अनुभाग संजय यादव की रिपोर्ट पर सोडाला थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। 7 नवंबर 2020 को आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में चौधरी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जनता नगर (रांकड़ी), सोडाला स्थित परीक्षा केंद्र पर जीआरपी अजमेर के लिए अभ्यर्थी सोनू यादव के स्थान पर उसका छोटा भाई मनोज कुमार यादव डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा में बैठा था।

छह साल से फरार था मुख्य अभ्यर्थी

परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में मनोज यादव को जयपुर की सोडाला पुलिस ने 28 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस मुख्य अभ्यर्थी सोनू यादव की तलाश में जुटी थी। लगातार फरार रहने और पुलिस की पकड़ में नहीं आने पर उस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।

साइबर सेल की मदद से दबोचा

सोनू यादव की गिरफ्तारी के लिए थानाधिकारी मनोज बैरवाल के नेतृत्व में टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। इसके बाद पुलिस ने सोनू यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए सोनू यादव ने अपनी जगह छोटे भाई मनोज को परीक्षा में बैठाने की साजिश रची थी। परीक्षा में डमी अभ्यर्थी के जरिए शामिल होने के बावजूद मामला सामने आने पर दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।