जयपुर

घर की चारदीवारी से बाहर निकल महिलाओं ने किया वर्चस्व स्थापित

अदम्य साहस और शौर्य की प्रतीक नारी वर्तमान में हर फील्ड में अपने काम के दम पर अपना एक अलग मुकाम बनाना जानती है।

2 min read
Jun 14, 2018
women news

जयपुर. आज नारी सिर्फ घर की चार दीवारी तक ही सीमित नहीं रही है। वे घर के साथ साथ बिजनेस भी चला सकती हैं। जी हां, कुछ ऐसा ही कर दिखाया है इलाके की नारियों ने। एरिया की कुछ हाउस विमेन ने ऐसी ही मिसाल पेश की है, जो खुद दूसरों के लिए मिसाल बन गई। अदम्य साहस और शौर्य की प्रतीक नारी वर्तमान में हर फील्ड में अपने काम के दम पर अपना एक अलग मुकाम बनाना जानती है। सक्सेस के शिखर पर पहुंचकर उन्होंने अपनी सक्सेस स्टोरी व एक्सपीरिंयस को शेयर कर अपनी खुशी जाहिर की। उनका कहना है कि 'मंजिल तक पहुंचने में कितनी ही मुसीबतें क्यों न आए, अगर इरादे मजबूत हो तो हर रास्ता मंजिल तक पहुंच ही जाता है।


सासू मां ने किया सपोर्ट
नाम-नम्रता भोलिया
उम्र-२७
बिजनेस- बुटीक
गोपालबाड़ी. क्रिएटिव आइडियाज से सेल्फ डिपेंड बनने की चाह में शादी से पहले बुटीक चलाती थी, लेकिन जब शादी हुई तो डर लगता था कि मैं फैमिली और बिजनेस को मैनेजर कर पाऊं गी कि नहीं, लेकिन अपनी मदर इन लॉ के सपोर्ट के चलते बिजनेस और फैमिली दोनों को सम्भाल लिया। यह कहना है नम्रता भोलिया का। उन्होंने बताया कि शुरूआती टाइम में काफी प्रॉब्लम्स भी आई,लेकिन फैमिली के सपोर्ट से हर समस्या का सामना करते हुए आगे बड़ी। फैमिली और बिजनेस दोनों को बराबर का टाइम देती हूं लेकिन फेस्टिवल और वेडिंग सीजन में ज्यादा काम बढ़ जाता है, जिस वजह से फैमिली को कम टाइम दे पाती हूं। जब बुटीक का काम निपटाकर घर जाती हूं तो मेरी मदर इन लॉ पहले से ही खाना बनाकर रखती है और मुझे अपने हाथों से खाना खिलाती हैं। वो मुझे अपनी बहू नहीं बेटी की तरह प्यार करती हैं। उनके सपोर्ट के कारण ही आज खुद का बुटीक स्टेबल कर पाई हूं।


तलाक के बाद सम्भाला परिवार
नाम- सादिका बानो
उम्र-४०
बिजनेस- ब्यूटी पार्लर
हथरोई. आज के दौर में गल्र्स किसी भी फील्ड में अपनी काबिलियत को प्रू्र्रफ कर सकती है, बसर्ते वो हिम्मत और जुनून के साथ काम पर फोकस करें। यह कहना है सादिका बानो का। वे बताती है कि जब आप कुछ नया करते हो तो हजारों लोग आपको नीचे गिराने की कोशिश करते हैं लेकिन अपने आपको कभी भी कमजोर नहीं पडऩा चाहिए। तलाक के बाद अम्मी-पापा के घर में आकर रहने लगी। उस समय मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। ऐसे समय पर आस-पास के लोगों ने ताने मारते थे, वहीं कुछ लोग कहते थे कि अब मेरा और मेरे बच्चों का क्या होगा। फिर मेरे पेरेंट्स समझाया कि तुम अपनी जिंदगी की नई शुरूआत करो खुद का पार्लर खुलने से पहले कई जगह काम किया ताकि अपने बच्चों को अच्छी जिंदगी दे सकूं। ऐसे टाइम पर मेरे बच्चों ने भी साथ दिया। आज मैं अपने बच्चों को अच्छी एज्युकेशन देने के साथ-साथ उनकी हर ख्वाहिश भी पूरी कर रही हूं।


पति के जाने के बाद फैमिली को सम्भाला
नाम-निधि सिंह
उम्र-४८
बिजनेस- कुकिंग क्लासेज
देवीनगर. किसी भी काम को करने के लिए सबसे अहम है कि हम काम को पूरी लगन व ईमानदारी से करें। हमें काम को कमतर आंकने के बजाए उसे पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। यह बात कहीं निधि सिंह का। वे बताती है कि करीब ७ साल पहले मेेरे हसबैंड की डेथ हो गई। उस समय बहुत टूट चुकी थी, ऐसा लग रहा था कि मेरी जिंदगी ही खत्म सी हो गई है। खुद को संभाल और अपनी अलग पहचान बनाने व अपने आपको स्टेबल करने के लिए तीन साल पहले कुकिंग क्लासेज शुरु की। धीरे-धीरे आगे बढ़ती गई। आज मैं कई लड़कियों को कुकिंग सिखाने के साथ-साथ उन्हें जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव को संभालने के बारे में बताती हूं।

Updated on:
14 Jun 2018 01:36 pm
Published on:
14 Jun 2018 01:26 pm
Also Read
View All