
World Cancer Day 2020 : डराने के लिए कैंसर ( CANCER ) का नाम ही काफी है । हम सभी लोगों ने कभी न कभी किसी जानकार को इस खौफनाक समझी जाने वाली बीमारी से जूझते देखा होगा और दुर्भाग्य से हममें से ज्यादातर को दुखद अनुभव भी हुआ होगा । 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस ( World Cancer Day ) है और हमे कैंसर के प्रति जागरूक रहना होगा ताकि समय पर हम कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बच सकें । नेशनल हैल्थ प्रोफाइल-2019 की रिपोर्ट के अनुसार जिस रफ्तार से राजस्थान में कैंसर के मरीज बढ़ रहे है वो हमारे लिए चींता का विषय है।
राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मरीज
नेशनल हैल्थ प्रोफाइल-2019 की रिपोर्ट के मुताबिक एक साल के अंतराल में
देश में कैंसर के मामले तीन गुना से ज्यादा बढ़ गए हैं। राजस्थान में 2017 में सरकारी एनसीडी केंद्रों में पहुंचे 30,91,378 लोगों में से 1,358 लोगों में सामान्य कैंसर पाया गया।वहीं 2018 के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 3,414 हो गया। यह करीब 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले भारत में कैंसर रोग से प्रभावितों की दर कम होने के बावजूद यहां 15 प्रतिशत लोग कैंसर के शिकार होकर अपनी जान गंवा देते हैं। डब्लूएचओ की सूची के मुताबिक 172 देशों की सूची में भारत का स्थान 155वां हैं। वर्तमान में कुल 24 लाख लोग इस बीमारी के शिकार है। भारत में हर साल कैंसर के 11 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं।
5 कैंसर का भारत में सबसे ज्यादा खतरा
वैसे तो कैंसर कई प्रकार का होता है लेकिन भारत में 5 तरह के कैंसर सबसे ज्यादा प्रभावित करते है
1-ब्रेस्ट कैंसर- ब्रेस्ट या स्तन कैंसर का सबसे प्रमुख लक्षण ब्रेस्ट में गांठ होना, बगल में सूजन या गठान होना। अचानक ब्रेस्ट के आकार व बनावट में परिवर्तन होना ।
2-मुंह का कैंसर-कैंसर के सबसे सामान्य रूपों में एक है मुंह का कैंसर। यह कैंसर मुंह के किसी भी हिस्से में हो सकता है जैसे- गाल और मसूड़ों के अंदर। यह एक प्रकार का सिर और गर्दन का कैंसर है। यह कैंसर अक्सर ओरल और ओरोफरीन्जियल कैंसर की श्रेणी में आता है।
3-गर्भाशय ग्रीवा कैंसर- भारतीय महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौत का सबसे आम कारण सर्वाइकल कैंसर है । ये कैंसर बच्चेदानी के मुख में ह्रूामन पैपीलोमा वायरस का लम्बे समय तक संक्रमण, एक से अधिक स्त्री/पुरुष के साथ यौन संबंध रखना,कम उम्र में यौन संबंध की शुरुआत, बार-बार गर्भधारण करना इसकी प्रमुख वजह है ।
4-फेफड़ों का कैंसर- फेफड़ों के कैंसर का बड़ा कारण धूम्रपान है।इसका एक कारण यह है कि इस बीमारी के बारे में बिल्कुल पता नहीं चलता और शुरुआती लक्षण नजरअंदाज हो जाते हैं। जब तक इसका पता चलता है ट्यूमर फैल जाता है और अक्सर घातक होता है।
5-अमाशय का कैंसर-यह कैंसर पेट के अंदर कहीं भी हो सकता है या अमाशय की दीवार से जुड़ी कोशिकाओं को प्रभावित करता है। ये कैंसर होने का प्रमुख कारण फल-सब्जियों का कम सेवन,अधिक नमक खाना, धूम्रपान, तंबाकू चबाने के कारण हो सकता है।