पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के संदेह में पकड़े गए जैसलमेर जिले के निवासी ई-मित्र संचालक को जयपुर में खुफिया एजेंसियों की ओर से पूछताछ में पुख्ता आधार मिलने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। गौरतलब है कि गत 25 जनवरी को जिले के नेड़ान गांव निवासी झबराराम पुत्र भाणाराम को एजेंसी की बाहर से आई टीम ने दस्तयाब किया था और अपने साथ जयपुर ले गए थे।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के संदेह में पकड़े गए जैसलमेर जिले के निवासी ई-मित्र संचालक को जयपुर में खुफिया एजेंसियों की ओर से पूछताछ में पुख्ता आधार मिलने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। गौरतलब है कि गत 25 जनवरी को जिले के नेड़ान गांव निवासी झबराराम पुत्र भाणाराम को एजेंसी की बाहर से आई टीम ने दस्तयाब किया था और अपने साथ जयपुर ले गए थे।
जानकारी के अनुसार पूछताछ व जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी सिम पर आए ओटीपी पाकिस्तानी हेंडलर्स को साझा कर दिया, इसके बाद उसका वॉट्सऐप पाकिस्तानी हैंडलर्स चला रहे थे। उसने खुफिया जानकारियां दी। जांच में सामने आया कि आरोपी को पाकिस्तानी हेंडलर्स ने पैसों में खरीदा और इसके चलते उसने भारतीय सेना के मूवमेंट सहित अन्य खुफिया जानकारियां साझा की। बताया जाता है कि राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी, को पोकरण के नेड़ान निवासी झबराराम की गतिविधियों पर संदेह हुआ।
आरोपी झबराराम को पाकिस्तानी हेंडलर्स ने हनीट्रैप के जाल में फंसाया था। खुफिया एजेंसियों को झबराराम से संयुक्त पूछताछ व उसके मोबाइल फोन की जांच में देश-विरोधी गतिविधियों के पुख्ता सबूत मिले हैं। इसके बाद राजस्थान इंटेलिजेंस ने शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज कर शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।