
हजरत पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलेही वसलम की पैदाइश व इंतकाल का दिवस ईद-मिला-दुन्नबी बारावफात सोमवार को अकीदत के साथ मनाया गया। मदरसा अहले सुन्नत दारूल उलूम मोइनुल इस्लाम व विभिन्न मस्जिदों में पैगंबर मोहम्मद को याद करते हुए उनके बताए मार्गों पर चलकर आम आवाम की खिदमत करने का संकल्प लिया गया। ईद-मिला-दुन्नबी के मौके पर कस्बे के जोधपुर रोड पर स्थित मदरसा अहले सुन्नत दारूल उलूम मोइनुल इस्लाम में सुबह साढ़े 9 बजे नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष आनंदीलाल गुचिया, नेताप्रतिपक्ष नारायण रंगा, थानाधिकारी राजूराम विश्नोई, मनोहर जोशी, हेमंत पालीवाल ने ध्वजारोहण किया। मदरसे के मौलाना समउन रजा की रहनुमाई में मदरसे के तलबाओं ने स्वागत गीत व कौमी तराने पेश किए। इस मौके पर कस्बे के मुख्य मार्गों से एक रैली निकाली गई। रैली को अतिथियों के साथ मदरसे के सदर मौलाना हुसैन, अब्दुल सत्तार, मुफ्ती रोशन, मौलाना हनीफ भैया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली मदरसे से रवाना होकर जयनारायण व्यास सर्किल, स्टेशन रोड, सुभाष चौक, फोर्ट रोड, गांधी चौक, सदर बाजार, गणेश मार्केट, भवानीप्रोल होते हुए तेलियों की मस्जिद पहुंची। यहां दीनी जलसे का आयोजन किया गया। बारावफात के मौके पर निकाली गई रैली का कस्बे में जगह-जगह स्थानीय लोगों की ओर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
रैली के बाद तेलियों की मस्जिद में एक जलसे का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में जैसलमेर से आए काजीखां अजहरी ने संबोधित करते हुए ईद-मिला-दुन्नबी को एक पर्व के रूप में मनाने का आह्वान करते हुए मोहम्मद साहब के बताए मार्गों पर चलने की बात कही। उन्होंने सभी धर्म व मजहब का सम्मान करते हुए हिन्दू मुस्लिम भाइचारे को मजबूत करने का आह्वान किया।बारावफात के मौके पर कस्बे के उपकारागृह व राजकीय जिला चिकित्सालय में फल का वितरण किया गया। दावत-ए-इस्लामी इंडिया के गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन के इलाका निगरान उबेदुल्लाखां, सादिक व महबूब की ओर से ईद-मिला-दुन्नबी के मौके पर राजकीय अस्पताल में मरीजों और उपकारागृह में बंदियों को फल वितरित किए गए।