
AIIMS Jodhpur recruitment 2018, एम्स , जोधपुर ने प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर एवं प्रोजेक्ट असिस्टेंट के 2 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किये। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार 15 मई 2018 को सुबह 10 बजे से आयोजित होने वाले वॉक-इन-इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं। आवेदन आैर अन्य जानकारी के लिए नीचे दिए गए अधिसूचना विवरण लिंक पर क्लिक करें।
एम्स, जोधपुर में रिक्त पदाें का विवरणः
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर
प्रोजेक्ट असिस्टेंट
एम्स, जोधपुर में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर एवं प्रोजेक्ट असिस्टेंट के रिक्त पदाें पर आवेदन करने के लिए योग्यता मानदंड, शैक्षणिक/तकनीकी योग्यता व अनुभव:
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर: एमपीएच/एमएड/एमबीए के साथ दो वर्ष का अनुभव।
प्रोजेक्ट असिस्टेंट: बीएड/एमएसडब्ल्यू
एम्स, जोधपुर में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर एवं प्रोजेक्ट असिस्टेंट के रिक्त पदाें पर चयन प्रक्रियाः
उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
एम्स, जोधपुर में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर एवं प्रोजेक्ट असिस्टेंट के रिक्त पदाें पर आवेदन प्रक्रियाः
योग्य उम्मीदवार 15 मई 2018 को सुबह 10 बजे से आयोजित होने वाले वॉक-इन-इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं. इंटरव्यू का वेन्यू है – कमेटी रूम ऑफ रिसर्स सेक्शन, फर्स्ट फ्लोर, मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेसे, जोधपुर।
अधिसूचना विवरणः
विज्ञापन सं.: एम्स/आरईएस (05)/2018/293
महत्वपूर्ण तिथिः
वॉक-इन-इंटरव्यू की तिथि: 15 मई 2018 (सुबह 10 बजे से)
AIIMS Jodhpur recruitment notification 2018:
एम्स, जोधपुर ने प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर एवं प्रोजेक्ट असिस्टेंट के 2 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिक करें।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान या एम्स (AIIMS) का परिचयः
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान या एम्स (AIIMS) सार्वजनिक आयुर्विज्ञान महाविद्यालय का समूह है। इस समूह में नई दिल्ली स्थित भारत का सबसे पुराना उत्कृष्ट एम्स संस्थान है। इसकी आधारशिला 1952 में रखी गयी और इसका सृजन 1956 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से एक स्वायत्त संस्थान के रूप में स्वास्थ्य देखभाल के सभी पक्षों में उत्कृष्टता को पोषण देने के केन्द्र के रूप में कार्य करने हेतु किया गया। एम्स चौक दिल्ली के रिंग रोड पर पड़ने वाला चौराहा है, इसे अरविन्द मार्ग काटता है।
- सन् 2012 में इसी श्रंखला में 6 अन्य एम्स संस्थान पूरे भारत में स्थापित किये गये। ताकि दूर दराज के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधायें पाई जा सके।