
जोधपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि भाजपा सरकार ढाई साल से कांग्रेस सरकार की सभी जनहितैषी योजनाएं बंद कर रही हैं। 25 लाख रुपए तक निशुल्क इलाज वाली चिरंजीवी योजना को बदलकर पांच लाख रुपए तक कर दिया गया। जनता भाजपा सरकार से त्रस्त हो चुकी है। निगम चुनाव महत्वपूर्ण हैं। इसमें भाजपा को सबक सिखाएं और कांग्रेस प्रत्याशियों को जीताकर बोर्ड बनवाएं। ताकि भाजपा के आलाकमान को अक्ल आए और जनता व विकास के लिए योजनाएं तो बनानी शुरू करेंगे। राज्य सरकार के बाकी बचे दो-ढाई साल में कुछ तो काम करेंगे।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने नगर निगम जोधपुर के चुनाव के लिए घंटाघर में बुधवार को आयोजित कांग्रेस की जनसभा को संबोधित करते हुए यह कहा। उन्होंने जनता से हाथ जोड़कर अपील की कि कांग्रेस का बोर्ड बनाएं। सभा को पूर्व विधायक मनीषा पंवार, महेन्द्र सिंह बिश्नोई, किशनाराम बिश्नोई, वरिष्ठ नेता राजेन्द्र सिंह सोलंकी, करण सिंह उचियारड़ा, वैभव गहलोत, रमेश बोराणा, कीर्ति सिंह, कुश गहलोत, बद्रीराम जाखड़, कुंती परिहार, सुपारस भण्डारी, शहजाद खां आदि ने संबोधित किया।
पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल की योजनाओं की चर्चा पूरे देश में है। चिरंजीवी योजना में 25 लाख रुपए तक फ्री इलाज पूरे विश्व में कहीं नहीं था। भाजपा सरकार ने इसे घटाकर पांच लाख कर दिया है। वृद्धावस्था पेंशन योजना, शहरी रोजगार योजना, अन्नपूर्णा योजना, इंदिरा रसोई योजनाएं शुरू की थी, जो अब बंद हैं। लम्पी से मौत पर प्रति गाय के 40-40 हजार दिए गए थे।
पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में काम की कभी कमी नहीं आने दी। शहर का नक्शा बदसा। शहर में 20 शिक्षक संस्थान व विवि है। कई की बिल्डिंग बन चुकी है, लेकिन भाजपा सरकार शुरू नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि शहरी सड़कों की हालत खराब है। गड्ढे पड़े हैं। गत दिनों सीएम भजनलाल आए तो इन टूटी सड़कों से गाड़ी में हिचकोले खाए थे।
पूर्व सीएम ने कहा कि 15-20 साल की मेहनत के बाद जोधपुर तक नहर बन पाई थी। फिर भी गर्मी में शहरवासी पानी के लिए तरसते रहे। नहर व कायलाना में पानी भरपूर है, लेकिन जनता को वितरण नहीं कर पा रहे हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने शहर व गांवों में सरकारी अंग्रेजी माध्यम की स्कूलें शुरू की थी। गांव के बच्चे अंग्रेजी में बोलने लग गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इन्हें भी बंद कर दिया।
पूर्व सीएम ने कहा कि पहले किसी मंत्री पर आरोप लगते तो तुरंत इस्तीफा देते थे, लेकिन केन्द्र सरकार में मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं। जेन-जी ने सरकार झुकाई।